0-आंध्र प्रदेश सरकार ने नगर्जुनकोंडा में राष्ट्रीय ग्रामीण बौद्ध धरोहर अकादमी के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की
नई दिल्ली, 01 दिसंबर (आरएनएस)। इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट द्वारा आयोजित ग्रामीण बौद्ध धरोहर संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आज डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में देश और विदेश के विद्वान, विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बौद्ध धरोहर के संरक्षण और विकास के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा करना था। सम्मेलन का एक प्रमुख निर्णय नागर्जुनकोंडा में राष्ट्रीय ग्रामीण धरोहर संरक्षण एवं विकास प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसके लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में अकादमी के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित की है। यह पहल भारत की ग्रामीण बौद्ध धरोहर के क्षमता निर्माण, समन्वित संरक्षण और समुदाय-केंद्रित विकास के लिए समर्पित पहली संस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट के अध्यक्ष श्री एस. के. मिश्रा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कार्यान्वयन के लिए मार्गदर्शक रूपरेखा के रूप में काम करना है और इसके लिए वार्षिक प्रगति समीक्षा जरूरी है ताकि पहलों की जवाबदेही और सतत प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
सम्मेलन ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण बौद्ध धरोहर केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका का साधन और उनकी पहचान को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा भूमि आवंटन के साथ अब भारत में ग्रामीण बौद्ध धरोहर के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार हो गया है।
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