मॉस्को,02 दिसंबर। रूस ने सोमवार को कहा कि उसकी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के पोक्रोव्स्क शहर पर कब्जा कर लिया है, जो एक अहम मिलिट्री लॉजिस्टिक्स हब है. इसके साथ ही उत्तर-पूर्व में वोवचांस्क शहर पर भी कब्जा करने का दावा किया है.
क्रेमलिन द्वारा टेलीग्राम पर एक पोस्ट में बताए गए युद्ध के मैदान के इन दावों ने कीव पर दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि वह युद्ध खत्म करने के मकसद से अमेरिका के नेतृत्व वाली मुश्किल बातचीत में अमेरिका को अपने साथ लाना चाहता है.
पोक्रोव्स्क, डोनेट्स्क इलाके का एक रोड और रेल हब है, जहां युद्ध से पहले करीब 60,000 लोग रहते थे. हाल के महीनों में यह रूस के जोरदार कैंपेन का टारगेट रहा है.
पिछले महीने, यूक्रेन ने रूस के हमले को रोकने के लिए शहर में स्पेशल फोर्स के सैनिकों समेत और सैनिक भेजे थे. लेकिन सैकड़ों रूसी सैनिक शहर में घुसने में कामयाब हो गए थे.
रूस के मिलिट्री चीफ ऑफ स्टाफ, वालेरी गेरासिमोव ने रविवार को (प्रेसिडेंट) व्लादिमीर पुतिन को क्रास्नोर्मेय्स्क और वोवचान्स्क शहरों की आजादी के बारे में बताया.
क्रेमलिन ने टेलीग्राम पर पोक्रोव्स्क के लिए रूसी नाम का इस्तेमाल करते हुए ऐसा कहा. डिफेंस मिनिस्ट्री ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कथित तौर पर रूसी सैनिक पोक्रोव्स्क के सेंट्रल स्क्वॉयर पर अपने देश का झंडा फहराते हुए दिख रहे हैं. अगर इस कब्जे की पुष्टि हो जाती है, तो इससे मोर्चे पर दूसरी जगहों पर यूक्रेन की सप्लाई लाइनें मुश्किल हो जाएंगी.
इसके साथ ही रूस को उत्तर और पश्चिम में आगे बढऩे के लिए एक लॉन्चपैड मिल सकता है. इससे पास की यूक्रेनी आर्मी की चौकी को भी रूसी सेना द्वारा घेर लिए जाने का खतरा होगा.
गौर करें तो खार्किव इलाके में मौजूद वोवचांस्क, मई 2024 से लड़ाई से तबाह हो गया है. रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने इस पर कब्जा करने को जीत की तरफ एक जरूरी कदम बताया था. अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के डेटा के एएफपी एनालिसिस से पता चलता है कि पिछले महीने रूसी सेना ने नवंबर 2024 के बाद यूक्रेन में अपनी सबसे बड़ी बढ़त हासिल की.
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