नईदिल्ली,03 दिसंबर (आरएनएस)। दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए हैं। इनके बारे में पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मीडिया को जानकारी दी। इसके तहत एनसीआर क्षेत्र के सभी उद्योगों को 31 दिसंबर तक ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी सिस्टम (ओसीईएमएस) स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा फैक्ट्री बंद करने सहित जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा एनसीआर के राज्यों और नगर निगमों को प्रदूषण नियंत्रित के लिए 2026 तक वार्षिक कार्य योजनाएं बनानी होंगी।
ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी सिस्टम (ओसीईएमएस) उद्योगों की ओर से उत्सर्जन पर नजर रखने में मदद करता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले 17 श्रेणियों के उद्योगों को उनसे उत्सर्जन डाटा प्राप्त करने के लिए रियल टाइम डेटा मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाना आवश्यक है। बोर्ड ओसीईएमएस कनेक्टिविटी के लिए कोई शुल्क नहीं लेता है। नए नियम में सभी उद्योगों को 31 दिसंबर तक ओसीईएमएस स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार (3 दिसंबर) को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 335 रहा है, जो दूसरे दिन बेहद खराब श्रेणी में रहा है। बोर्ड के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बेहद खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है।
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