सरगुजा, 03 दिसंबर (आरएनएस)। जिले के विश्रामपुर स्थित अमेरा ओपनकास्ट खदान में बुधवार को ग्रामीणों के द्वारा वैधानिक/स्वीकृत प्रावधानों से अधिक लाभ की मांग को लेकर तीव्र आंदोलन किया जिसके चलते खनन बंद करना पड़ा। इस दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों पर ग्रामीणों ने पथराव भी कर दिया। स्थिति को गंभीर देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया और उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर खनन कार्य शुरू किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 03-12-2025 को विश्रामपुर स्थित अमेरा ओपनकास्ट खदान में चल रहे खनन कार्य का विरोध करने ग्रामीण इक्कठे हो गये और तीव्र आंदोलन करने लगे। ग्रामीणों के द्वारा वैधानिक/स्वीकृत प्रावधानों से अधिक लाभ की मांग की जा रही थी। आंदोलन की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकार एएसपी ,एसडीएम, तहसीलदार और खदान अधिकारी विरोध कर रहे ग्रामीणों से वार्ता करने एवं संचालन पुन: शुरू करने हेतु परियोजना स्थल पहुँचे। लेकिन ग्रामीणों ने प्रशासन की अपील नहीं मानी और अधिकारियों तथा पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एसपी सहित कई अधिकारी घायल हुए। लगभग 1 बजे सरगुजा जि़ले के अपर कलेक्टर भी मौके पर पहुँचे और तनाव कम करने का प्रयास किया, परंतु भीड़ अधिक उग्र हो गई और उन पर भी पथराव किया, जिससे वे घायल हो गए। स्थिति को गंभीर देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया और उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर किया गया। इसके उपरांत खनन उपकरणों को फिर से तैनात किया गया और शाम 5 बजे से खनन कार्य आंशिक रूप से पुन: प्रारम्भ किया गया।
बता दें कि अमेरा ओपनकास्ट माइंस, साउथ ईस्टर्न कोलफ ील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल)की एक 1.0 एमटीपीए क्षमता वाली परियोजना है, जो सरगुजा जि़ले, छत्तीसगढ़ के बिश्रामपुर क्षेत्र में स्थित है। माइंस के लिए आवश्यक भूमि परसोडीकला, अमेरा, पूहपुटरा और कटकोना गाँवों में स्थित है, जिसका कुल क्षेत्रफल 664.184 हेक्टेयर है। इस भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2001 में किया गया था। अधिग्रहीत भूमि के एक हिस्से का कब्जा मिलने के बाद वर्ष 2011 में खनन कार्य प्रारम्भ किया गया। उत्पादन वर्ष 2019 तक जारी रहा, परंतु ग्रामीणों को कुछ असामाजिक तथा अवैध गतिविधियों (जैसे कोयला चोरी) में संलिप्त तत्वों द्वारा उकसाया गया था। इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। वर्ष 2024 में राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप एवं अतिरिक्त भूमि का कब्जा प्राप्त करने तथा प्रभावित परिवारों (क्क्रक्कह्य) को निर्धारित मुआवज़ा एवं क्र&क्र लाभ प्रदान करने के बाद, खदान संचालन पुन: आरम्भ किया गया। तब से चरणबद्ध रूप में भूमि कब्जा प्रक्रिया जारी है। अब तक परसोडीकला गाँव के क्क्रक्कह्य को लगभग 10 करोड़ का मुआवज़ा वितरित किया जा चुका है तथा जि़ला क्र&क्र समिति की सहमति के अनुसार रोजगार भी प्रदान किया जा रहा है। जैसे-जैसे खनन कार्य परसोडीकला की ओर बढ़ा, भूमि मालिकों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुन: उकसाया गया, और उन्होंने अपनी भूमि जो कि कोल बेयरिंग (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत अधिग्रहीत है को खाली करने से इंकार कर दिया। उन्होंने हिंसक गतिविधियाँ भी कीं, जिसके कारण 08-11-2025 से खदान संचालन बाधित हो गया। इस विषय में जिला एवं राज्य प्रशासन से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।
000
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

