नईदिल्ली,04 दिसंबर (आरएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। नई दिल्ली में उनका विमान लैंड हो चुका है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर हवाई अड्डे पर उनकी अगुवाई की। पुतिन का पारंपरिक नृत्य के जरिए स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में सवार रात्रिभोज के लिए प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचे। बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है।
पुतिन करीब 27 घंटे भारत में रहेंगे। कल यानी 5 दिसंबर को उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट पर श्रद्धांजलि देने जाएंगे। यहां से पुतिन हैदराबाद हाउस जाएंगे और 23वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पुतिन और उनका पूरा प्रतिनिधिमंडल दिन का भोजन प्रधानमंत्री आवास पर करेगा। कल शाम 7 बजे वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बैठक के लिए पहुंचेंगे और रात 9 बजे रूस वापस चले जाएंगे।
पुतिन-मोदी के बीच एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर बातचीत की उम्मीद है। भारत और एस-400 खरीद सकता है। दोनों नेताओं के बीच स्टेल्थ फाइटर जेट एसयू-57 की खरीद, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन पर भी बात होगी। इसके अलावा चर्चा का सबसे ज्यादा फोकस व्यापार पर होगा। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना चाहते हैं। भारत से समुद्री खाद्य उत्पादों और फार्मा प्रोडक्ट्स की रूसी बाजार में पहुंच बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
पुतिन की मेजबानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में की जाएगी। इसे 1920 के दशक में आज के लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से हैदराबाद के आखिरी निजाम मीर उस्मान अली खान ने बनवाया था। कुल 36 कमरे वाला ये बंगला 8.2 एकड़ में फैला है। इसके प्रांगण, फव्वारे, भव्य सीढिय़ां, आर्कवे की डिजाइन में यूरोपीय शैली के साथ-साथ मुगल शैली की भी झलक है। यहां कई वैश्विक नेताओं की मेजबानी की जा चुकी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष आंद्रेई बेलौसोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसके बाद राजनाथ सिंह ने कहा, मेरा मानना है कि यह बैठक हमारे दोनों देशों के बीच स्पेशल और प्रिविलेज्ड पार्टनरशिप को और मजबूत करेगी। वहीं, बेलौसोव ने कहा, हमारे रिश्ते रणनीतिक प्रकृकि के हैं और भारत के साथ साझेदारी दक्षिण एशिया में संतुलन और आम तौर पर वैश्विक सुरक्षा के लिए एक अहम है। उन्होंने नौसेना दिवस की भी बधाई दी।
राष्ट्रपति पुतिन का यह 10वां भारत दौरा है। पहली बार वे साल 2000 में भारत आए थे। राष्ट्रपति पुतिन 7वें राष्ट्राध्यक्ष हैं, जिनकी अगुवाई के लिए प्रधानमंत्री मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पहुंचे हैं। इससे पहले वे अमेरिका, जापान, बांग्लादेश, कतर और यूएई के राष्ट्राध्यक्षों को लेने खुद एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के लिए निजी रात्रिभोज आयोजित किया। प्रधानमंत्री मोदी के रूस दौरे के दौरान पुतिन ने भी ऐसा ही किया था।
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