मिंटो पार्क से नैनी के शिवालय पार्क को जोड़ेगा
प्रयागराज 8 दिसंबर (आरएनएस )। संगम नगरी प्रयागराज में यमुना की लहरों पर रामसेतु आकार लेने जा रहा है। करीब 1200 मीटर लंबा यह सेतु शीघ्र ही मूर्तरूप लेगा।
लगभग 258 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सेतु मिंटो पार्क से नैनी स्थित शिवालय पार्क तक उन कदमों को जोड़ देगा, जो वर्षों से सिर्फ भरोसा और भक्ति लिए घाटों तक आते रहे हैं। पांच से सात मीटर चौड़ा यह सेतु उन पदचापों का साक्षी बनेगा, जो यात्रा नहीं, दर्शन समझते हैं। सेतु निगम की डीपीआर सौंपे जाने के साथ सपना अब दस्तावेजों से वास्तविकता की ओर बढ़ चुका है। प्रस्तावित योजना के अनुसार चार वर्षों में रामसेतु तैयार होगा, दिल्ली में इसकी डिजाइन तैयार की जा रही है।
यमुना पर रामसेतु की कुल लागत 258.76 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें सेतु निर्माण की लागत 229.75 करोड़ रुपये, भूमि अधिग्रहण पर 27 करोड़ रुपये और यूटिलिटी शिफ्टिंग की लागत 1.50 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। रामसेतु का निर्माण चार वर्ष में पूरा किया जाएगा। रामसेतु का निर्माण नए यमुना सेतु के बगल से शुरू होगा और शिवालय पार्क के पास समाप्त होगा। सेतु से लोग पैदल ही पार्क पहुंच सकेंगे। रामसेतु की चौड़ाई लगभग पांच मीटर होगी, जिससे पैदल आने-जाने की सुविधा रहेगी। रामसेतु पर 50 से 100 मीटर की दूरी पर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी।
भगवान श्रीराम जब अयोध्या से वनगमन के लिए निकले थे तो प्रयागराज होकर ही आगे गये थे। अयोध्या से श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ प्रयागराज के शृंगवेरपुर धाम में पहुंचे थे। इसके बाद केवट की नाव से गंगापार कर भरद्वाज मुनि आश्रम आए थे। आश्रम से यमुना पार करके चित्रकूट के लिए प्रस्थान किया था, जिसके चलते इस सेतु का नाम रामसेतु रखा जाएगा।
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