बैंक खाताधारक की पत्नी क्लेम करने पहुंची तो हुआ खुलासा
प्रयागराज 8 दिसंबर (आरएनएस )। बैंक ऑफ बड़ौदा की लालगोपालगंज शाखा में एक मृतक के खाते से फर्जीवाड़ा कर 45 लाख रुपये निकाल लेने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब मृतक की पत्नी क्लेम करने बैंक शाखा पहुंची। पता चला कि उक्त खाते से करीब 45 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। प्रारंभिक जांच में बैंक कर्मियों और टायनी संचालक की मिलीभगत सामने आई है। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस फर्जीवाड़े के लिए फर्जी चेकबुक का इस्तेमाल किया गया। प्रकरण की जांच के लिए कमेटी भी गठित हुई है।
प्रतापगढ़ के थाना हथिगवां स्थित परेवा नारायणपुर निवासी मदीहा के पति महफूज अहमद फारूकी का करीब आठ माह पूर्व निधन हो चुका है। महफूज के बैंक ऑफ बड़ौदा की लालगोपालगंज शाखा में बैंक खाते में 56 लाख रुपये से अधिक की धनराशि जमा थी। 30 अक्तूबर 2025 को जब मदीहा पति का मृत्यु प्रमाणपत्र लेकर उक्त धनराशि के लिए क्लेम करने बैंक पहुंचीं तो शाखा प्रबंधक ने खाते में केवल 11 लाख रुपये होने की जानकारी दी। मदीहा की आपत्ति के बाद जब शाखा प्रबंधक ने छानबीन शुरू की तो चौंकाने वाला मामला सामने आया।
जांच में पता चला कि महफूज फारूकी की मौत के बाद 7 जुलाई को मृतक के नाम से एक फर्जी चेकबुक जारी कराई गई। इसके बाद खाते से धनराशि उड़ाने का सिलसिला शुरू हुआ। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार 14 अगस्त को पीयूष शुक्ला नाम के व्यक्ति ने चेक के जरिये 3 लाख रुपये और उसी दिन संजय विश्वकर्मा ने 10 लाख रुपये निकाल लिए। संजय विश्वकर्मा इसी बैंक शाखा में टायनी संचालक और पीयूष उसका मित्र बताया जा रहा है। इसके बाद 14 से 17 अक्तूबर के बीच दो और चेक से 17.5 लाख और 15 लाख की रकम संजय के खाते में ट्रांसफर की गई। घोटाले के खुलासे पर शाखा प्रबंधक ने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
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