लखनऊ 8 दिसंबर (आरएनएस ) में जमीन विवाद के चलते हुए एक सनसनीखेज हत्या कांड का खुलासा थाना निगोहां पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने हत्या कर सबूत मिटाने की नीयत से शव को जला देने वाले पाँच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता दिलीप रावत अब भी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो स्विफ्ट डिज़ायर कारें भी बरामद कीं। इस गंभीर मामले में की गई त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पर अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।मामला 15 नवंबर 2025 से लापता कबीर उर्फ शिवप्रकाश से जुड़ा है, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 19 नवंबर को निगोहां थाना क्षेत्र में दर्ज हुई थी। पुलिस द्वारा लखनऊ और आसपास के जिलों में तलाश के दौरान उन्नाव जनपद के बीघापुर थाना क्षेत्र में एक अधजला शव मिलने की जानकारी मिली। शव के फोटोग्राफ देखने के बाद परिजनों ने उसकी पहचान कबीर के रूप में की।जांच में खुलासा हुआ कि मृतक के भाई शिव सहाय और अभियुक्त सुजीत कुमार श्रीवास्तव ने वर्ष 2019 में मृतक की माता स्व. सत्यवती की 44 बिस्वा की कीमती जमीन को पहले फर्जी तरीके से अपने परिचित सतगुरु के नाम कराया और बाद में उसका एग्रीमेंट बदलकर यथार्थ ग्रुप को बेच दिया था। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही मृतक कबीर ने कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था, जिसकी वह लगातार पैरवी कर रहा था। अभियुक्तों को आशंका थी कि मुकदमा हारने पर उन्हें पैसा वापस करना पड़ेगा, इसलिए सुजीत ने अपने साथियों के साथ मिलकर कबीर की हत्या की साजिश रची।पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुजीत ने कई फर्जी कीपैड मोबाइल और सिम लेकर अपने साथी दिलीप रावत की मदद से मृतक से नजदीकियां बढ़वाईं। 15 नवंबर की शाम को दिलीप ने कबीर को लालपुर टावर बुलाया, जहां पहले से दो कारों में आरोपी घात लगाए बैठे थे। कबीर के इनकार करने पर उसे बलपूर्वक गाड़ी में बैठाया गया और गाड़ी चलाकर लालगंज-डलमऊ की तरफ ले जाया गया। रास्ते में गाड़ी के अंदर ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में बीघापुर के सुनसान इलाके में शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया, ताकि पहचान मिटाई जा सके।पुलिस ने सुजीत कुमार श्रीवास्तव, पिंटू, विनोद, लालू उर्फ नीरज और राजू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दिलीप रावत फरार है। सुजीत के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने, अपहरण और आपराधिक साजिश सहित बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब फरार आरोपी दिलीप की तलाश में दबिशें दे रही है और मामले की अन्य बिंदुओं पर भी गहन जांच जारी है।
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