0-आईआईटी खडग़पुर-परिक्षित ‘प्रमिति Ó तकनीक को अपनाया
0-जहां पर आम जनों की अधिक आवाजाही होती है, उन स्थानों पर प्राथमिकता के साथ वाटर मिस्ट व्हीकल को चलाया जाये- महापौर
0-दो वाटर मिस्ट व्हीकल को हरी झंडी किया शुभारम्भ
रायपुर, 10 दिसम्बर (आरएनएस)। रायपुर नगर पालिक निगम ने राजधानी शहर रायपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खडग़पुर द्वारा विकसित और परिक्षित अभिनव तकनीक प्रमिति को रायपुर नगर पालिक निगम ने आधिकारिक रूप से अपनाया है। इस तकनीक का शुभारंभ आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप, एमआईसी सदस्य श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, सर्वश्री मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल, भोलाराम साहू, अमर गिदवानी, नंदकिशोर साहू, खेम कुमार सेन, एमआईसी सदस्य प्रतिनिधि श्री संतोष हियाल सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकत्र्ताओं, अधीक्षण अभियंता श्री इमरान खान, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता संविदा श्री बी. एल. चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता श्री प्रदीप यादव, श्री अंशुल शर्मा जूनियर, सहायक अभियंता श्री योगेश कडु, उप अभियंता श्री रमेश पटेल सहित अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में दो वाटर मिस्ट व्हीकल को हरी झंडी दिखाकर रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के समक्ष किया गया, शुभारम्भ करते हुए महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजधानी शहर रायपुर में जहां पर आमजनों की आवाजाही अधिक होती है, उन स्थानों पर वाटर मिस्ट व्हीकल प्राथमिकता के साथ चलवायी जाये।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण एवं संरक्षण बोर्ड (सीईसीबी) और आईआईटी खडग़पुर के बीच राज्य में वायु प्रदूषण कम करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया था। इस समझौते के अंतर्गत आईआईटी खडग़पुर ने रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में वायु प्रदूषण के कारकों पर विस्तृत अध्ययन किया। अध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि शहर के कुल वायु प्रदूषण का लगभग 30 प्रतिशत केवल सड़क की धूल से उत्पन्न होता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संस्थान ने प्रमुख यातायात चौराहों पर वॉटर मिस्ट/फॉगिंग सिस्टम लगाने, निर्माण स्थलों को ढकने तथा उपलब्ध स्थानों पर वृक्षारोपण करने जैसे उपाय सुझाए गए थे। इसी दिशा में तैयार की गयी कार्ययोजना (एक्शन प्लान) के अनुसार वॉटर मिस्ट व्हीकल का क्रय किया गया है, ताकि धूल कणों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके द्य यह तकनीक सामान्य वॉटर कैनन की तरह केवल पानी नहीं छिड़कती, बल्कि अल्ट्रा-फाइन माइक्रो ड्रॉपलेट्स उत्पन्न करती है जो हवा में मौजूद पीएम10, पीएम2.5 और पीएम1 कणों के साथ बंधकर उन्हें तुरंत नीचे बैठा देती है।
क्या हे यह तकनीक?
यह तकनीक अत्याधुनिक, पूर्णत: स्वचालित प्रदूषण-नियंत्रण प्रणाली शहर में धूलकणों को कम करने और स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह एक पेटेंट-आधारित, अत्याधुनिक, पूर्ण स्वचालित वायु-प्रदूषण नवीन तकनीक है, जिसे भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विशेष रूप से विकसित किया गया है।
इस वैन में इन-बिल्ट जनरेटर, स्टेनलेस स्टील (स्टेनलेस स्टील) पानी भंडारण टैंक, उच्च क्षमता वाले पंप, डुअल फिल्टर सिस्टम और इंटरवल-आधारित स्वचालित टाइमर वाला कंट्रोल पैनल लगा है।
आईआईटी खडग़पुर द्वारा प्रमाणित परिणाम –
दिल्ली की 1.6 किलोमीटर लंबी व्यस्त सड़क पर इस तकनीक के फ ील्ड-टेस्ट आईआईटी खडग़पुर की निगरानी में किए गए, जिसके परिणाम अत्यंत प्रभावी और उत्साहजनक रहे—
पीएम10 में 23प्रतिशत की कमी, पीएम2.5 में 59 प्रतिशतकी कमी, पीएम1 में 70 प्रतिशत की कमी (सबसे अधिक सुधार) विशेष रूप से पीएम1 जैसे अति सूक्ष्म कणों में 70त्न तक की गिरावट दर्ज की गई, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये कण फेफड़ों तक गहराई में प्रवेश करते हैं।
ये परिणाम सिद्ध करते हैं कि हाई-प्रेशर माइक्रो मिस्टिंग केवल दृश्य प्रभाव नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, त्वरित और प्रभावी तकनीक है।
रायपुर नगर पालिक निगम की प्रतिबद्धता
रायपुर नगर पालिक निगम का लक्ष्य स्पष्ट है— नगरवासियों को स्वच्छ हवा मिले, प्रदूषण को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जाए,और रायपुर शहर को एक हरित, स्वस्थ और भविष्य-उन्मुख शहर के रूप में विकसित किया जाए। प्रमिति तकनीक का आज से शहर में 15वे वित्त विभाग द्वारा संचालन शुरू होने के साथ ही रायपुर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक नया, प्रभावी और प्रमाणिक समाधान अपनाने वाला अग्रणी शहर बन गया है। रायपुर आगे बढ़ रहा है — स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन और सतत विकास की दिशा में।
आर. शर्मा
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