रामानुजगंज, 10 दिसंबर (आरएनएस)। यहां के उपपंजीयक कार्यालय को स्थापित हुए लगभग 75 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं फिर भी ना तो कार्यालय का अपना भवन है और ना ही सम्बन्धित कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी। हालांकि आज के लगभग दस वर्ष पूर्व तक उपपंजीयक अधिकारी जरूर पदस्थ थे परंतु वर्तमान में तहसीलदार ही उक्त पद की शोभा बढ़ा रहे हैं। अविभाजित सरगुजा अंबिकापुर के बाद सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला उपपंजीयक कार्यालय रामानुजगंज है। इसे स्थापित हुए शहर में लगभग 75 वर्ष से ज्यादा ही हो चुके हैं परंतु आज तक कार्यालय का अपना भवन नहीं बन पाया है और ना ही उपपंजीयक स्टॉप की नियुक्ति हो पाई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सन 1950 के पूर्व के स्थापित इस कार्यालय में सन 2015-16 तक उप पंजीयक अधिकारी की पदस्थापना हुई थी जिसमें आखरी उपपंजीयक के रूप में कार्यरत पी.के वासनिक रहे हैं उनके बाद लगभग एक दशक बीत जाने के बाद भी कोई उप पंजीयन अधिकारी की पदस्थापना नहीं हो पाई है। 2015-16 के बाद यहां के उप पंजीयक कार्यालय अधिकारी का प्रभार तहसीलदार रामानुजगंज ही हुआ करते हैं। वर्तमान समय में रामानुजगंज एवं वाड्राफनगर के पंजीयन संबंधी सैकड़ो कार्य प्रतिदिन रामानुजगंज के तहसील कार्यालय में ही होता है जिसे तहसीलदार रामानुजगंज के द्वारा संपादित किया जाता है ऐसे में आप समझ सकते हैं कि तहसील संबंधी कार्य के लिए आम लोगों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आम जनता के न्यायालयीन कार्य होते हैं प्रभावित ….
यहां उपपंजीयक अधिकारी के पदस्थ नहीं होने से इनके समस्त कार्य को तहसीलदार के द्वारा संपादित किया जाता है ऐसे में आम जनता से जुड़े तहसील कार्यालय के न्यायालयीन कार्य प्रभावित होते हैं। आम नागरिकों को अपने एक दिन के कार्य के लिए कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी कार्य नहीं हो पाते हैं।
पंजीयन संबंधित भ्रष्टाचार के मामले होते हैं उजागर …
यहां के उपपंजीयके कार्यालय संबंधित कई भ्रष्टाचार के मामले समय-समय पर उजागर होते रहते हैं जिसका एकमात्र कारण उक्त पद पर कार्यरत पदाधिकारी का ना होना सबसे अहम मुद्दा है। और जब कभी भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं तो तहसीलदार एवं उपपंजीयक एक ही व्यक्ति के होने से कभी भी तटस्थ जांच संभव नहीं हो पाता है एवं वह मामले दबे रह जाते हैं।
जिला पंजीयक की अनदेखी से आमलोग हैं परेशान …
उप पंजीयक कार्यालय को सुचारू रूप से संपादित करने में जिला पंजीयक अधिकारी का अहम भूमिका होता है परंतु यहां जिला पंजीयक अधिकारी के अनदेखी के कारण भ्ष्र्टाचार की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं जिसमे आमलोग पिसते जा रहें हैं।
स्टॉप की कमी से दलाल रहतें हैं सक्रिय
उपपंजीयक कार्यालय में स्टॉप की कमी के कारण कई दलाल लोग रहतें हैं सक्रिय। इसके कारण आमलोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनके सक्रियता के कारण आम नागरिकों को आर्थिक परेशानी ज्यादा झेलनी पड़ती है क्योंकि ये अधिकारी- कर्मचारियों एवं आमलोगों के मध्य अपना आर्थिक भविष्य सुधारने लगते हैं जिसका भार आमलोगों के ऊपर पड़ते हैं।
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