राजनांदगांव,10 दिसम्बर (आरएनएस)। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी एवं युवा भाजपा नेता राजेश गुप्ता अग्रहरि ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम को राष्ट्र ध्वज तिरंगा व राष्ट्रगान जन गण मन की तरह देश की आन बान और शान बताते हुए केंद्र सरकार से वंदेमातरम गान को अनिवार्य किए जाने की मांग की है, तभी देश के सभी जाति,धर्म ,पंथ संप्रदाय के लोग इसे पूरे शान के साथ गा सकेंगे और धरती मां की वंदना करते हुए गर्व की अनुभूति कर सकेंगे। अग्रहरि ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम गान के प्रमुख अंतरे को हटाकर एक धर्म विशेष के लोगों को राहत देने का काम किया और तुष्टिकरण की नीति अपनाई वहीं लोग वंदे मातरम गीत के प्रमुख अंतरे को हटाए जाने के बाद भी वंदे मातरम गान को स्वीकार नहीं कर पाए और आज भी इसे गाने से मना कर रहे हैं, यह देश का अपमान तो है ही, देश के उन महानुभावों का भी अपमान है जो इस कौम की भावनाओं का ख्याल करते हुए इसके प्रमुख अंतरे को हटाए थे। लेकिन इन तत्वों को देश की सवा 100 करोड़ जनता की भावनाओं का परवाह नहीं है, ये लोग धर्म की आड़ में वंदे मातरम गान से पिंड छुड़ाना चाहते हैं और वही दूसरी ओर इस देश? व धरती मां के प्रति प्रतिबद्धता नहीं दिखा कर इस देश पर हक जमाना चाहते हैं, ऐसे लोगों को वंदेमातरम की अनिवार्यता पर वंदे मातरम गीत गान की बाध्यता होगी। अग्रहरि ने कहा कि वंदे मातरम का गान आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ देश के सभी लोगों को एक करने का कार्य किया है उनमें जोश व जज्बे का संचार किया, आज भी यह गीत देश के प्रति सबको एक जोड़े रखने का सामथ्र्य रखता है लेकिन कुछ तत्व इस देश की माटी के साथ आज भी जुड़ नहीं पाए हैं और वे केवल संविधान की आड़ लेकर वंदे मातरम न गाने व देश पर अधिकार जमाने की चेष्टा कर रहे हैं, जो आगे चलकर काफी खतरनाक सिद्ध हो सकता है।
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