0 युवाओं को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा
= सुरेश मिनोचा =
एमसीबी, 10 दिसंबर (आरएनएस)। सशस्त्र सेना झंडा दिवस के उपलक्ष्य में आज जिला मुख्यालय में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वीर सैनिकों, शहीद परिवारों और अपंग सैनिकों के योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में रायपुर से विशेष रूप से पहुंचे लेफ्टिनेंट कर्नल जितेंद्र कुमार देवांगन ने कहा कि भारतीय सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का हर क्षण समर्पित कर देते हैं। वे अपने परिवार, जीवन की सुविधाओं और व्यक्तिगत आकांक्षाओं को पीछे छोड़कर सीमा पर तैनात रहते हैं, ताकि देश के नागरिक भयमुक्त जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि ”सात दिवसीय झंडा दिवसÓÓ केवल एक आयोजन भर नहीं, बल्कि उन वीरों के शौर्य, त्याग और अदम्य साहस को याद करने का अवसर है, जिन्होंने युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया, घायल हुए या अपंग हो गए लेकिन देश सेवा के प्रति उनकी निष्ठा और राष्ट्रभक्ति कभी कम नहीं हुई।
लेफ्टिनेंट कर्नल देवांगन ने बताया कि झंडा दिवस के दौरान नागरिकों और संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता शहीद परिवारों, घायल सैनिकों, वीर नारियों और अपंग सैनिकों की सहायता के रूप में उपयोग की जाती है। यह सहयोग केवल आर्थिक नहीं होता, बल्कि समाज की ओर से उनके त्याग के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि झंडा दिवस का यह छोटा-सा बैज हमें हर पल यह याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा में लगे जवानों के प्रति हमारा कर्तव्य क्या है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश सेवा के लिए किसी भी क्षेत्र-सेना, तकनीक, प्रशासन या शोधक में अपना योगदान देकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
कार्यक्रम में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने कहा कि झंडा दिवस उन वीरों के त्याग को सम्मान देने का अमूल्य अवसर है, जिनकी बदौलत देश सुरक्षित और स्थिर है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। ”चाहे कड़ाके की ठंड हो, भीषण गर्मी हो, अथवा मूसलाधार बारिश-हमारे जांबाज़ सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सीमाओं पर अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हैं।ÓÓ उन्होंने कहा कि हम सब जिस शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं, वह उन्हीं वीर जवानों के अटूट साहस और बलिदान का परिणाम है। कलेक्टर ने कहा कि एक सैनिक का त्याग केवल उसका व्यक्तिगत नहीं होता, बल्कि उसका पूरा परिवार वर्षों तक चिंता, अनिश्चितता और संघर्ष के बीच भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है।
उन्होंने आगे कहा कि सैनिकों का समर्पण राष्ट्र की सीमाओं को ही नहीं, बल्कि नागरिकों के भविष्य, समाज की स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा भी करता है। प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह सैनिकों के साहस, अनुशासन और शहादत को सदैव स्मरण रखे और उन्हें वह सम्मान प्रदान करे जिसके वे वास्तव में अधिकारी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि झंडा दिवस के अवसर पर आगे आकर योगदान दें और वीर परिवारों के साथ खड़े रहें।
कार्यक्रम में कैप्टन कमलकांत बारिक, उत्तम कुमार साहू, सुरेंद्र शर्मा, चोखेंद्र साहू, गिरवर प्रसाद साहू, कृष्ण चंद्र यादव तथा जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया और अंत में सभी ने राष्ट्र और सैनिकों के सम्मान को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।
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