= सुरेश मिनोचा =
एमसीबी, 10 दिसंबर (आरएनएस)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 ने प्रदेशभर के किसानों को नई उम्मीद, मजबूती और सम्मान का अहसास कराया है। इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल बने हैं ग्राम सिंहपुर के किसान दुर्गा, जिनके अनुभव ने यह साबित कर दिया कि सुव्यवस्थित और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था वास्तव में किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रही है। दुर्गा इस वर्ष अपना धान बेचने के लिए खडग़वां उपार्जन केंद्र पहुँचे थे। उन्होंने कुल 100 क्विंटल धान की बिक्री की और पूरी प्रक्रिया को इतना सहज, तेज़ और विश्वसनीय पाया कि उनके चेहरे पर संतोष और धन्यवाद की चमक साफ दिखाई दी। वे बताते हैं कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सुचारू रही टोकन ऐप, सटीक माप तौल, फोटो अपलोड डिजिटल सत्यापन और समयबद्ध संचालन ने पूरी प्रक्रिया को बिल्कुल पारदर्शी बना दिया।
दुर्गा कहते हैं- इस बार न कोई परेशानी हुई, न समय की बर्बादी। उपार्जन केंद्र में बैठने, पानी और सहयोगी कर्मचारियों की व्यवस्था बहुत अच्छी रही। पूरी खरीदी सम्मानजनक तरीके से हुई।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को मजबूत बनाने के लिए लिए गए ऐतिहासिक निर्णय-प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य-ने उनके जैसे हजारों किसानों को आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता प्रदान की है। सबसे महत्वपूर्ण बात, धान की भुगतान राशि सीधे बैंक खाते में मिलने से किसानों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर दुर्गा विशेष रूप से आभार जताते हैं- मुख्यमंत्री का धन्यवाद, जिन्होंने किसान हित में इतनी पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था दी। इस बार धान बेचने में हर कदम पर आसानी रहीकृऐसी व्यवस्था सचमुच किसान का मनोबल बढ़ाती है। किसान दुर्गा की यह कहानी सिर्फ एक अनुभव नहीं, बल्कि पूरे जिले में चल रही नई खरीदी व्यवस्था की सफलता का सशक्त उदाहरण है, जो किसानों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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