सुरेश मिनोचा
एमसीबी, 10 दिसंबर (आरएनएस)। कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलग्रहण विकास घटक 2.0 के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भूमि संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु विकासखण्ड भरतपुर के ग्राम बेनीपुरा में आज वाटरशेड महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सभापति सुखवन्ती सिंह रहीं। वाटरशेड महोत्सव के दौरान जनजागरूकता रैली, श्रमदान, वृक्षारोपण तथा जल संरक्षण विषयक विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर पेंटिंग, कविता, नृत्य और नाटक के माध्यम से जल एवं भूमि संरक्षण के महत्व का प्रभावी संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि द्वारा कुल चार जलग्रहण विकास कार्यों का लोकार्पण तथा तीन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में भूमि संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा सिंचाई रकबा में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सुखवंती सिंह ने जल एवं भूमि संरक्षण को जीवन और कृषि उत्पादन की आधारशिला बताते हुए ग्रामीणों से इन संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्य ग्रामीण जीवन और कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सुखवंती सिंह ने परियोजना के अंतर्गत संचालित जल एवं भूमि संरक्षण कार्यों का स्थल निरीक्षण भी किया और कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता की सराहना की।कार्यक्रम की अध्यक्षता सुखवन्ती सिंह ने की। इस अवसर पर उपसरपंच, विधायक प्रतिनिधि, कृषि विभाग से परियोजना अधिकारी धर्मेंद्र कुरै, डब्ल्यूसीडीसी के तकनीकी विशेषज्ञ कुलदीप त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गजराज सिंह चौहान, विकास दल सदस्य, जलग्रहण समिति के प्रतिनिधि, उपयोगकर्ता समूहों के सदस्य, स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। वाटरशेड महोत्सव के इस आयोजन ने ग्रामवासियों में जल और भूमि संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा सामुदायिक भागीदारी को नई दिशा प्रदान की।
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