विकासनगर,10 दिसंबर (आरएनएस)। छत्रधारी चालदा महाराज के बुधवार देर रात भूपऊ गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों में उत्साह छा गया। श्रद्धालु भपऊ गांव की सीमा पर बनाए गए स्वागत द्वार पर हाथों में फूलों की थाल लिए महाराज के स्वागत के लिए खड़े थे। देव पालकी के पहुंचते ही क्षेत्र चालदा महाराज के जयकारों से गूंज उठा। चालदा महाराज के दर्शन को भक्तों का तांता लगा रहा। स्वागत द्वार से श्रद्धालुओं के साथ महाराज की पालकी भूपऊ गांव पहुंची। धार्मिक विधि-विधान से देव पालकी को विश्राम स्थल सीताराम चौहान के आवास पर विराजमान किया गया। इसके बाद जागड़ा पर्व की शुरुआत हुई।
रात दस बजे धाम (भंडारा) वितरित किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बुधवार सुबह से ही आसपास के गांवों से श्रद्धालु देव दर्शन को भूपऊ पहुंचने शुरू हो गए थे। कई ग्रामीणों ने देव माली से समस्याओं के समाधान के उपाय पूछे। देर रात तक गांव में देव हारुल पर चालदा महाराज की स्तुति की गई। इसके साथ ही लोक संस्कृति और आध्यात्म की अनूठा मिश्रण देखने को मिला। —- 13 दिसंबर को टोंस पार करेंगे चालदा महाराज पहली बार टोंस नदी पार कर रहे छत्रधारी चालदा महाराज का आज मयार खेड़ा में बागड़ी पूजन होगा। 12 दिसंबर को सावड़ा में बागड़ी के बाद 13 दिसंबर को महाराज मीनस पुल से होते हुए टोंस नदी पार कर हिमाचल प्रदेश के द्राबिल पहुंचेंगे। वहां एक रात का बागड़ी पूजन होगा। वहीं 14 दिसंबर को महाराज गवाली-पश्मी गांव के नवनिर्मित मंदिर में एक साल के लिए विराजमान होंगे। सावड़ा से प्रवास यात्रा की अगुआई छत्रराई स्याणा बलदेव सिंह राणा करेंगे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

