विकासनगर,10 दिसंबर (आरएनएस)। दून घाटी व जौनसार-बावर की सांस्कृतिक पहचान को अपने लोकगीतों और कविताओं से अमर करने वाले लोककवि रतन सिंह जौनसारी की पुण्यतिथि पर बुधवार को सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय पीजी कॉलेज में स्थानीय बुद्धिजीवी, प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राओं ने लोक कवि के स्मृति-पल संजोते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य अतिथि सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने कहा कि रतन सिंह जौनसारी न केवल कवि थे बल्कि जौनसार-बावर की आत्मा और लोक संवेदना के स्वर थे। उन्होंने क्षेत्र की बोली, भाषा और लोक जीवन को अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी भारत चौहान ने कहा है कि रतन सिंह जौनसारी ने जौनसार बावर को साहित्य, संस्कृति और इतिहास के साथ जौनसार बाबर को नई पहचान दिलाने का कार्य किया है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने कहा उन्होंने जौनसार की मिट्टी की सुगंध को शब्दों में पिरोकर उसे अमर कर दिया। उनका साहित्य हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रमाण है और आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापकगण डॉ. प्रियंका जलाल, डॉ. शशिकला, डॉ. रेनू, डॉ. चंद्रिका, रेखा, भरत सिंह, रितु तोमर, रितेश चौहान, गंभीर चौहान और मुकेश तोमर आदि उपस्थित रहे।
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