विकासनगर,10 दिसंबर (आरएनएस)। दिल्ली के झंडेवालान में स्थित बाबा पीर रतन नाथ मंदिर परिसर में डीडीए की ओर से की गई तोडफ़ोड का कांग्रेसियों ने विरोध किया है। उन्होंने केशव कुंज की पार्किंग के लिए मंदिर की जमीन कब्जाने के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच करने, मंदिर की नाकेबंदी हटाने और तोड़े गए हिस्से का पुनर्निर्माण करने की मांग की है। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर चुग, अशोक मल्होत्रा और कांग्रेस सोशल मीडिया के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह ने प्रेस वार्ता कर कहा कि पेशावर के झंडा बाज़ार में स्थित मंदिर दरगाह पीर रतननाथ आज भी पाकिस्तान में बचे हुए कुछ गिने-चुने हिंदू मंदिरों में से एक हैं। जहां शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह 1400 साल पुराना मंदिर नाथ संप्रदाय की शाखा का प्रतिनिधित्व करता है। विभाजन के बाद बाबा मनमोहन दास इस पवित्र जोत को लेकर दिल्ली आए और झंडेवालान में मंदिर की स्थापना की। कहा कि यह केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है। यह उस नाथ परंपरा का जीवंत प्रतीक है। 29 नवंबर को डीडीए और प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मिलकर इस पवित्र स्थल पर बुलडोजर चला दिया। कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के मंदिर की प्राचीन दीवारों और संरचनाओं को गिरा दिया गया। वहां स्टील की शटरिंग लगाकर नाकेबंदी कर दी गई है। उन्होंने तत्काल तोड़े गए भाग का पुनर्निर्माण करने और नाकेबंदी हटाने की मांग की है। पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव गुलाब धीमान, सोमपाल सिंह, नगर अध्यक्ष भुवन चंद्र पंत और कांग्रेस एससी विभाग के प्रदेश प्रवक्ता श्रवण ओझा आदि मौजूद रहे द्य
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