दुर्ग, 11 दिसंबर (आरएनएस)। जिले की सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्ढ्ढक्र) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जांच के दौरान 37,099 मृत मतदाता पाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 8,956 मृत मतदाता दुर्ग शहर में चिन्हित हुए, जबकि भिलाई नगर में सबसे कम 4,120 मृत मतदाता मिले हैं। इसके अलावा करीब 1.50 लाख ऐसे मतदाता मिले जो अपने पुराने पते पर नहीं रहते। इन्हें स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की श्रेणी में रखा गया है। साथ ही 51,059 मतदाताओं का पता सत्यापित नहीं हो सका, जिनके बारे में प्रशासन पुन: जांच कर रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 11 दिसंबर तक वोटर लिस्ट अपडेट करने का पूरा काम तय मानकों के अनुसार पूरा कर लिया जाए। इसके लिए जिले के 1397 बीएलओ को फॉर्म-6 वितरित कर दिए गए हैं, जिनके माध्यम से नए मतदाता नाम जोड़ सकेंगे और मौजूदा पात्र मतदाता अपने पोलिंग बूथ बदल सकेंगे। यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद शुरू होगी।
एसआईआरमैपिंग के प्रमुख निष्कर्ष :
4,42,000 मतदाता ऐसे मिले जिनके माता-पिता के नाम 2003 की सूची में दर्ज थे। इन्हें कैटेगरी ‘्रÓ में रखा गया है।
4,48,000 मतदाता ऐसे पाए गए जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, पर 2025 में शामिल है—ये कैटेगरी ‘क्चÓ में रखे गए हैं।
69,057 मतदाताओं का डेटा 2003 की सूची में नहीं मिला।
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि सभी छह विधानसभाओं में फॉर्म का डिजिटलीकरण 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जिन मतदाताओं को नॉन-कलेक्टेबल श्रेणी—जैसे मृत्यु, पता बदलना, हस्ताक्षर से इनकार या अनुपस्थिति—में रखा गया था, उनकी पुन: जांच (री-वेरिफिकेशन) जारी है, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बने।
0
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

