कोलकाता, 13 दिसंबर। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी 14 साल बाद भारत आए हैं। वे उरुग्वे के स्टार फुटबॉलर लुईस सुआरेज और अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल के साथ कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे। हालांकि, तीनों फुटबॉलर यहां केवल 10 मिनट ही रुके, जिससे प्रशंसकों का गुस्सा भड़क गया। नाराज फैंस ने स्टेडियम में स्टैंड से बोतलें और कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।ख्य
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टेडियम के अंदर प्रवेश, बैठने और विजिबिलिटी को लेकर भारी बदइंतजामी थी। मेसी की एक झलक पाने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे फैंस उन्हें ठीक से देख तक नहीं पाए। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। नाराज फैंस ने पोस्टर होर्डिंग्स तोड़ दिए, बोतलें-कुर्सियां फेंकी और स्टेडियम के अंदर विरोध शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। मेसी भी 10 मिनट से कम समय रुककर स्टेडियम से चले गए।
मेसी 15 दिसंबर तक 3 दिन में 4 शहरों का दौरा करेंगे। इनमें हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली भी शामिल हैं। वे आज बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान से मिले और अपनी 70 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण भी किया। उनका बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से मुलाकात की भी योजना है। वह मुंबई में सचिन तेंदुलकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे। वह फ्रेंडली मैच भी खेलते हुए नजर आएंगे।
घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माफी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, स्टेडियम में हुई बदइंतजामी से मैं बहुत परेशान और हैरान हूं। मैं इस घटना के लिए मेसी के साथ-साथ सभी खेल प्रशंसकों से दिल से माफी मांगती हूं। मैं जस्टिस (रिटायर्ड) आशिम कुमार रे की अध्यक्षता में एक जांच समिति बना रही हूं, जिसमें मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव होंगे। समिति घटना की विस्तृत जांच करेगी।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह शर्मिंदगी। मेसी जैसे ग्लोबल स्टार के लिए भारी भीड़ उमड़ेगी और फिर भी कोई योजना नहीं और बहुत कम सुरक्षा। ममता बनर्जी एक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं कर सकतीं। मेसी को जल्द से जल्द निकलना पड़ा! क्या होता अगर फैंस या मेहमान को कुछ हो जाता? यह वैसा ही था जैसा हम बेंगलुरु में भगदड़ में कहते हैं जिसमें कई लोगों की जान चली गई!
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