सोहावल-अयोध्या।(आरएनएस ) विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के विरोध के बाद ड्योढ़ी बाजार के बभनियावां मोड़ पर लोक निर्माण विभाग की भूमि में बने वर्षों पुराने ईदगाह का जितना भाग अवैध निर्माण ठहराया गया था। उसे तोड़ कर हटा दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के आला अधिकारी निगरानी में मौजूद रहे।
पिछले कई वर्षों से विवाद का विषय बन रहे विवादित ईदगाह के को हटाने के लिए पखवारा भर पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रदर्शन करते हुए दो दिन तक तहसील मुख्यालय पर धरना दिया। बजरंग दल के प्रांतीय मंत्री लाल जी शर्मा के नेतृत्व में पचासों हिंदू धर्म से जुड़े संत महात्माओं ने लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए आंदोलन चलाया था। राजस्व बिभाग में की पैमाइश में 42.99 स्क्वायर फिट भूमि लोक निर्माण विभाग के सामने आई थी जिसमें ईदगाह बना पाया गया। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इसे हटाने के लिए प्रशासन ने 21 दिन का समय मांगा था। लेकिन दो नोटिस चस्पा करने के बाद 15वें दिन ही अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मौके की संवेदनशीलता और शोरगुल से बचने के लिए प्रशासन ने पहले अवैध निर्माण का टेंट से घेराबंदी कर दी। फिर स्थानीय मजदूरों के माध्यम से आधुनिक कटर आदि का प्रयोग कर शनिवार की देर शाम तक अवैध निर्माण हटा दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच हुई सुलह समझौते से दूसरे पक्ष ने स्वत: अवैध निर्माण हटा लिया। तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन की भूमिका केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित रही।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

