लालगंज, मीरजापुर ,13 दिसंबर (आरएनएस)। सामाजिक समरसता, सनातन मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ शनिवार को मिलिट्री ग्राउंड में हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। संतों, विचारकों और समाज के विभिन्न वर्गों की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने भारतीय परंपरा की एकता, त्याग और संगठन शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय संत बालयोगी संजय महाराज ने कहा कि हिंदू समाज की जड़ें ऋषि परंपरा में हैं। जहां संस्कार, आदर्श और मूल्य व्यक्ति को रूढिय़ों से मुक्त कर राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता ही भारत के गौरव और विकास की दिशा तय करती है।काशी प्रांत के बौद्धिक प्रमुख डॉ कुलदीप पांडे ने राजस्थान के जौहर कुंड का उल्लेख करते हुए भारतीय नारियों के त्याग और बलिदान को सनातन परंपरा की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि आपसी संघर्ष से समाज कमजोर होता है और इसका लाभ विघटनकारी शक्तियां उठाती हैं। संगठन और एकता ही सनातन संस्कृति की आत्मा है। रामचरितमानस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ पारिवारिक मर्यादा, सामाजिक दायित्व और समरसता का वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।विशिष्ट अतिथि स्नेहा श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय नारी ने ही राम, कृष्ण और शिवाजी जैसी परंपराओं को जीवंत रखा। त्याग, समर्पण और दूरदृष्टि के बल पर नारी शक्ति परिवार से लेकर राष्ट्र तक संस्कृति का ध्वज उठाए हुए है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण गोपाल मौर्य ने की जबकि संचालन हरिओम मौर्य ने किया। सम्मेलन में संघ चालक दीनदयाल, खंड कार्यवाह अभिषेक, आनंद, सह-जिला कार्यवाह नीरज, संतोष सिंह, अनु मिश्रा, संतोष दुबे, रामबली, अमरीश, सत्येंद्र तिवारी, शिवम, शुभम केसरी, दिलीप केसरी, मनोज केसरी, पन्नालाल पटेल, रमा पांडे, पप्पू यादव, फौजदार क़ोल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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