चंडीगढ़ 18 Dec, (Rns): मान सरकार ने जब से पंजाब की सत्ता संभाली है तब से आपराधिक तत्वों की शामत आई हुई है। आपराधिक वारदातों का सिलसिला जहां कम होता जा रहा है वहीं गैंगस्टरों की संख्या समाज में कम और जेलों में बढ़ती जा रही है। इसकी वजह है मान सरकार द्वारा बनाई एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स जिसने गैंगस्टरों पर पूरी तरह से नकेल कसी हुई है।
गैंगस्टरवाद के खिलाफ मान सरकार जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि हाल ही में अमृतसर में एक एसएसपी को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान साफ कहते हैं कि गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जिसके तहत विफल रहने वाले अधिकारियों पर भी एक्शन लिया जा रहा है। पिछले एक साल में, एजीटीएफ ने पंजाब के विभिन्न जिलों में कुख्यात गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को निशाना बनाते हुए कई बड़े अभियान चलाए हैं। इन अभियानों के परिणामस्वरूप कई वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध हथियारों की बरामदगी और शहरी व ग्रामीण इलाकों में चल रहे जबरन वसूली गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है।
एजीटीएफ के प्रयासों का ध्यान आपराधिक नेटवर्क में भर्ती की श्रृंखला को तोडऩे पर भी केंद्रित है। गिरोह लंबे समय से कमज़ोर युवाओं को निशाना बनाते रहे हैं, उन्हें जल्दी पैसा कमाने और प्रभाव का लालच देते हैं। शिक्षा और सामुदायिक विभागों के साथ मिलकर, टास्क फोर्स ने स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं को गिरोह में शामिल होने के परिणामों के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। इसके अलावा, आपराधिक जीवन से बाहर निकलने के इच्छुक लोगों को विकल्प प्रदान करने के लिए पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें कौशल प्रशिक्षण, नौकरी दिलाने में सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श शामिल हैं, जो विशुद्ध रूप से दंडात्मक दृष्टिकोण से सुधारोन्मुखी दृष्टिकोण की ओर बदलाव का प्रतीक है।

