नई दिल्ली,21 अपै्रल (आरएनएस) दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कथित प्रॉक्सी शहजाद भट्टी से जुड़े एक खतरनाक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस साजिश में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली-एनसीआर में फायरिंग, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में थे. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय राजवीर और 19 वर्षीय विवेक बंजारा के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र के रहने वाले हैं.
पुलिस के अनुसार, दोनों को सोशल मीडिया के जरिए ‘राणा भाईÓ नामक व्यक्ति ने संपर्क किया, जो शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी है. इसके बाद दोनों सीधे भट्टी के संपर्क में आ गए और उसके निर्देश पर काम करने लगे. जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी भारत में आपराधिक नेटवर्क के जरिए बड़ी साजिश रच रहा था. वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़कर उन्हें पैसे और हथियार मुहैया कराता था, ताकि दिल्ली-एनसीआर में दहशत फैलाने वाली घटनाओं को अंजाम दिया जा सके.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि यह मॉड्यूल दिल्ली में किसी बड़े होटल और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है. इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. सबसे पहले विवेक बंजारा को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी राजवीर को सराय काले खां इलाके से दबोचा गया.
स्पेशल सेल ने राजवीर के पास से एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. साथ ही मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो और वॉयस नोट्स भी मिले हैं, जिनमें साजिश के पुख्ता सबूत हैं. पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी पहले अमृतसर से हथियार लेकर जिरकपुर के एक क्लब पर फायरिंग की कोशिश कर चुके हैं. इसके अलावा, दिल्ली में एक बड़े होटल को निशाना बनाने की तैयारी थी. शहजाद भट्टी द्वारा इन्हें पैसे और निर्देश लगातार भेजे जा रहे थे.
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साजिश थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया. उन्होंने कहा कि आरोपियों के पाकिस्तान स्थित हैंडलर से जुड़े हर लिंक की गहन जांच की जा रही है. इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा. फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग कहां-कहां सक्रिय हैं.
००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

