लखनऊ 01 Jan, (Rns): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए साल के जश्न के बीच खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां हजरतगंज चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों से एक दारोगा ही भिड़ गया। नशे में धुत बताए जा रहे इस दारोगा ने ट्रैफिक डायवर्जन के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग पर अपनी कार चढ़ा दी और रोकने पर अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बदसलूकी की। घटना के बाद डीसीपी के आदेश पर दारोगा को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया गया है।
घटना बुधवार रात की है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के चलते लखनऊ में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। हजरतगंज चौराहे पर तैनात ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर ने जब वहां से गुजर रहे एक दारोगा को रूट डायवर्ट होने के कारण गाड़ी मोड़ने को कहा, तो वह भड़क गए। उन्होंने नियम मानने के बजाय जबरन बैरिकेडिंग पर कार चढ़ाने की कोशिश की। जब सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी दारोगा उनसे उलझ गया।
हंगामा बढ़ता देख मौके पर मौजूद डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने हस्तक्षेप किया। लेकिन आरोपी दारोगा का पारा इतना चढ़ा हुआ था कि वह डीसीपी ट्रैफिक से भी उलझ गया और बहस करने लगा। अनुशासनहीनता देख डीसीपी ने कड़ी फटकार लगाई और तुरंत उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस जीप में बैठाया और हजरतगंज थाने ले जाकर हवालात में बंद कर दिया।
जांच के दौरान आरोपी दारोगा की निजी कार से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कार के अंदर शराब की बोतलें साफ दिखाई दे रही हैं और दारोगा पुलिसकर्मियों से बहस करता नजर आ रहा है। पुलिस ने आरोपी दारोगा का मेडिकल करवाया है और उसके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई बैरिकेडिंग को एक पुलिस अधिकारी द्वारा ही तोड़ने की कोशिश ने विभाग की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

