देहरादून 2 जनवरी (आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी अपूर्वा सिंह के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर अंकिता प्रकरण में वीआईपी की गिरफ्तारी और त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा के हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संयोजक नवनीत गुंसाई ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा की हत्या के लिए नफरती राजनीति और बिगड़ती कानून व्यवस्था सीधेतौर पर जिम्मेदार है। सीपीआईएम सचिव अनंत आकाश ने कहा कि देहरादून पुलिस द्वारा इस गंभीर अपराध को आपसी रंजिश बताना शर्मनाक है। इस दौरान संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष सुरेशकुमार, प्रवक्ता चिंतन सकलानी, पूर्व महासचिव राजकुमार जायसवाल, बालेश? बवानिया, प्रभात डंडरियाल, एडवोकेट संजय मिश्रा, राजेश शर्मा, एडवोकेट प्रिंयका रानी, दुर्गा ध्यानी रतूड़ी, विकास रावत, सुशील घिल्डियाल, भुवनेशवरी आदि मौजूद रहे।
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