हरिद्वार 4 जनवरी (आरएनएस)। मेला अस्पताल परिसर में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) बंद पड़ा है और इसकी सबसे बड़ी कीमत अति कुपोषित बच्चे चुका रहे हैं। दरअसल, मेला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत एक से 18 जनवरी तक लंबे अवकाश पर हैं। वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण एनआरसी का संचालन ठप हो गया है। लिहाजा, गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की भर्ती पूरी तरह बंद है। एनआरसी वह केंद्र है, जहां ऐसे बच्चों को विशेष चिकित्सा, पोषण आहार और निरंतर निगरानी के जरिए जीवन की मुख्यधारा में लौटाया जाता है। एनआरसी बंद होना न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े करता है। हालात यह हैं कि अभिभावक अपने बच्चों को निजी अस्पताल ले जा रहे हैं, जहां इलाज उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार, इस बाबत उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है।
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