भोपाल 5 जनवरी।(आरएनएस)। मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में वर्षों से कार्यरत चौकीदार, भृत्य, सफाई कर्मचारी और पंप चालकों ने अपने मानदेय निर्धारण और सेवा शर्तों को लेकर सोमवार को भोपाल के अरेरा हिल्स क्षेत्र में प्रदर्शन किया। आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारी मोर्चा और ग्राम पंचायत चौकीदार संघ के संयुक्त नेतृत्व में कर्मचारियों ने पंचायत राज संचालनालय पहुंचकर आयुक्त को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने बताया कि ई-पंचायत परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत परिसरों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की नियुक्ति की गई थी। इसके अलावा पंचायतों के दैनिक संचालन, स्वच्छता व्यवस्था और जल प्रदाय को सुचारु रखने के लिए भृत्य, सफाईकर्मी और पंप चालक लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद इन्हें आज भी मात्र 1500 से 2500 रुपए प्रतिमाह जैसे अत्यंत कम और अव्यवहारिक मानदेय पर काम करना पड़ रहा है, जिससे वर्तमान महंगाई में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इस मौके पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी उपस्थित रहे और कर्मचारियों को समर्थन दिया।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर कई बार ज्ञापन और आंदोलन किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे कर्मचारियों में गहरा रोष और असंतोष व्याप्त है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी और पंप चालकों को शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही उनकी सेवा शर्तों के लिए विधिवत नियमावली बनाकर कार्य समय, उपस्थिति, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा, वार्षिक वेतनवृद्धि, स्वास्थ्य सुविधा, पेंशन और बीमा योजनाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों ने बिना कारण हटाने या स्थानांतरण की प्रथा समाप्त करने और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के स्थायीकरण अथवा नियमितिकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग भी रखी।

