भोपाल ६ जनवरी (आरएनएस)।प्रदेश में विद्यार्थियों की सुविधा और शैक्षणिक सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित ‘विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वारÓ पहल के अंतर्गत अब तक १५ लाख से अधिक छात्रों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (रूक्च) सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह अभियान स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
विद्यालयों में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्तियों तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं का लाभ लेने के लिए नवीनतम बायोमेट्रिक्स युक्त आधार कार्ड अनिवार्य है। हृञ्ज्र, क्कस्ष्ट सहित विभिन्न परीक्षा एजेंसियों द्वारा छ्वश्वश्व, हृश्वश्वञ्ज जैसी परीक्षाओं में आवेदन एवं परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित पहचान को आवश्यक किए जाने के बाद इस अपडेट का महत्व और बढ़ गया है।
अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट में आधार कार्ड में फोटो, आइरिस स्कैन और फिंगरप्रिंट का अद्यतन शामिल है। पहला रूक्च ५ वर्ष की आयु पूर्ण होने पर तथा दूसरा १५ वर्ष की आयु पूर्ण होने पर किया जाना आवश्यक है। ५ से १७ वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह प्रक्रिया नि:शुल्क है।
ढ्ढष्ठ्रढ्ढ और भारत सरकार के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सहयोग से ष्ठढ्ढस्श्व+ पोर्टल के माध्यम से स्कूलों को छात्रों के आधार में लंबित रूक्च की स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई संभव हो सकी है।
इस पहल की शुरुआत १५ अगस्त २०२५ को की गई थी। बीते चार महीनों में, ३१ दिसंबर २०२५ तक, प्रदेशभर के २००० से अधिक स्कूलों में विशेष रूक्च शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों तथा आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से १५ लाख से अधिक छात्रों ने अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराया। साथ ही, मध्यप्रदेश में ष्टक्चस्श्व के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा भी सभी सीबीएसई स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे छात्रों एवं अभिभावकों को लंबित रूक्च शीघ्र पूर्ण कराने के लिए प्रेरित करें।
स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र एवं ढ्ढष्ठ्रढ्ढ द्वारा यह अभियान वर्तमान शैक्षणिक सत्र के अंत तक जारी रहेगा, जिसमें ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा जाएगा, जिससे अधिकतम छात्रों को इस पहल का लाभ मिल सके।

