ईरान ,09 जनवरी । ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं। सैयद अली हुसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बढ़ती महंगाई, कमजोर होती अर्थव्यवस्था और सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ देशभर में गुस्सा फूट पड़ा है।
8 जनवरी की रात ईरान में हालात और तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली सरकार ने देश में इंटरनेट सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल बंद कर दीं। वहीं, न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों ने आजादी के नारों के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरकार विरोधी आंदोलन को उस समय और बल मिला जब युवराज रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे लोगों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। रजा पहलवी के पिता 1979 की इस्लामी क्रांति से ठीक पहले ईरान छोड़कर भाग गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही घड़ी में रात 8 बजे, तेहरान के अलग-अलग इलाकों में जोरदार नारे गूंजने लगे। कई प्रदर्शनकारी रजा पहलवी के आह्वान का पालन करते हुए सड़कों पर नजर आए। प्रदर्शन के दौरान ‘तानाशाह मुर्दाबादÓ, ‘इस्लामी गणराज्य मुर्दाबादÓ और ‘यह आखिरी लड़ाई है, पहलवी वापस लौटेगाÓ जैसे नारे लगाए गए।
ईरान के शहरों और ग्रामीण कस्बों में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहे। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कई बाजार और दुकानें बंद रहीं।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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