वाशिंगटन ,10 जनवरी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के तेल उद्योग को फिर से खड़ा करने के लिए अमेरिकी कंपनियों को वहां निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी सिलसिले में शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक अहम बैठक हुई। हालांकि, इस बैठक में दुनिया की दिग्गज तेल कंपनी एक्सॉनमोबिल के सीईओ डैरेन वुड्स ने ट्रंप के उत्साह पर पानी फेरते हुए साफ कर दिया कि फिलहाल यह लैटिन अमेरिकी देश निवेश के लिहाज से सुरक्षित नहीं है। वुड्स ने वहां की अस्थिरता और पुराने कानूनों को व्यापार के आड़े बताया है।
अस्थिरता और पुराने कानून सबसे बड़ी बाधा
एक्सॉनमोबिल के सीईओ ने बैठक में दो टूक कहा कि वेनेजुएला की मौजूदा कानूनी व्यवस्था बेहद अस्थिर है और वहां निवेश की कोई सुरक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुराने हाइड्रोकार्बन कानूनों और जर्जर बुनियादी ढांचे के साथ वहां काम करना संभव नहीं है। वुड्स के मुताबिक, जब तक वहां की व्यावसायिक संरचनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में बुनियादी सुधार नहीं किए जाते, तब तक अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां जाना घाटे का सौदा साबित हो सकता है।
‘दो बार संपत्ति जब्त हुई, अब फूंक-फूंक कर रखेंगे कदमÓ
बैठक के दौरान डैरेन वुड्स ने कंपनी के पुराने कड़वे अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक्सॉनमोबिल ने सबसे पहले 1940 में वेनेजुएला में प्रवेश किया था, लेकिन वहां उनकी संपत्ति को दो बार जब्त किया जा चुका है। यही वजह है कि कंपनी अब तीसरी बार वहां जाने से पहले बहुत सोच-समझकर कदम उठाना चाहती है। वुड्स ने कहा कि तीसरी बार प्रवेश करने के लिए वहां ऐतिहासिक और वर्तमान स्वरूप में बड़े बदलावों की दरकार होगी। स्थायी सुरक्षा उपाय और कानूनों में बदलाव के बिना निवेश का जोखिम नहीं लिया जा सकता।
ट्रंप का दावा- कतार में खड़ी हैं कंपनियां
जहां एक ओर एक्सॉनमोबिल ने चिंता जताई, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप का रवैया काफी आक्रामक दिखा। ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला के तेल उद्योग में अवसर का लाभ उठाने के लिए तेल कंपनियों के अधिकारी ‘मधुमक्खी के छत्तेÓ की तरह कतार में खड़े हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद कंपनियों पर दबाव बनाते हुए कहा कि अगर वे निवेश नहीं करना चाहतीं, तो उन्हें बता दें, क्योंकि बाहर 25 अन्य लोग उनकी जगह लेने के लिए तैयार खड़े हैं। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि सरकार किसी जोखिम भरे निवेश के लिए टैक्सपेयर्स के पैसे से कोई वित्तीय गारंटी नहीं देगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिना अमेरिकी सेना की तैनाती के ही कंपनियों को ‘पूर्ण सुरक्षाÓ मुहैया कराई जाएगी।
तकनीकी टीम जाकर लेगी जायजा
तमाम आशंकाओं के बावजूद एक्सॉनमोबिल के सीईओ ने उम्मीद जताई कि अमेरिका वहां आवश्यक बदलाव लाने में मदद कर सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि एक्सॉन जल्द ही वेनेजुएला में तेल अवसंरचना की जमीनी हकीकत परखने के लिए एक तकनीकी टीम भेजेगी। वुड्स ने कहा कि निवेश पर अंतिम फैसला लेने से पहले यह देखना होगा कि वित्तीय नजरिए से सुरक्षा उपाय कितने टिकाऊ हैं, मुनाफा कैसा है और वहां का कानूनी ढांचा किस करवट बैठता है।
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