नई दिल्ली ,10 जनवरी (आरएनएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शुक्रवार को देश के युवाओं को संबोधित करते हुए एक बेहद भावुक और विचारोत्तेजक संदेश दिया। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉगÓ के मंच से उन्होंने युवाओं को इतिहास के कड़वे सच से रूबरू कराया और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की आजादी खैरात में नहीं मिली है, बल्कि इसके लिए बहुत बड़ी कीमत चुकाई गई है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे इतिहास से सबक लें और एक ऐसे महान भारत का निर्माण करें जो अपने मूल्यों और स्वाभिमान पर खड़ा हो।
‘हमारे मंदिर लूटे गए और हम बेबस देखते रहेÓ
अजीत डोभाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह स्वतंत्र भारत हमेशा से इतना सुरक्षित और आजाद नहीं था, जैसा आज दिखाई देता है। हमारे पूर्वजों ने भयानक दौर देखे हैं। उन्होंने कहा, “हमारी पीढिय़ों ने गहरा अपमान सहा और विनाश को अपनी आंखों से देखा। हमारे गांव जला दिए गए, हमारी सभ्यता को नष्ट करने के प्रयास हुए और हमारे मंदिरों को लूटा गया, जबकि हम बेबस होकर यह सब देखते रहे।” डोभाल ने युवाओं के भीतर राष्ट्रप्रेम की अलख जगाते हुए कहा कि आज भारत के हर युवा के अंदर वह आग होनी चाहिए। उन्होंने ‘बदलाÓ शब्द को परिभाषित करते हुए कहा कि यहां बदला लेने का अर्थ हिंसा नहीं है, बल्कि यह एक शक्तिशाली ताकत है। हमें अपने इतिहास का ‘बदलाÓ इस देश को वापस उसी गौरवशाली स्थान पर ले जाकर लेना है, जहां हम अपने अधिकारों और मान्यताओं के साथ सिर उठाकर जी सकें।
सुरक्षा खतरों को न पहचानने की भूल फिर न हो
भारत की प्राचीन संस्कृति का जिक्र करते हुए एनएसए ने कहा कि हमारी सभ्यता अत्यंत विकसित और शांतिप्रिय थी। हमने कभी किसी दूसरे देश पर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी के धर्मस्थल तोड़े। लेकिन, हमारी सबसे बड़ी कमजोरी यह रही कि हम अपनी सुरक्षा और खुद पर मंडरा रहे खतरों को समय रहते पहचानने में नाकाम रहे। जब हम लापरवाह हुए, तो इतिहास ने हमें कठोर सबक सिखाया। उन्होंने भावी पीढिय़ों को चेतावनी देते हुए कहा कि सवाल यह है कि क्या हमने वह सबक सीखा है? अगर आने वाली पीढिय़ां इतिहास के इन सबकों को भूल गईं, तो यह देश के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी।
भारत मंडपम में जुटे 2000 से अधिक युवा
एनएसए डोभाल का यह संबोधन नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉगÓ (ङ्कक्चङ्घरुष्ठ 2026) के उद्घाटन समारोह में हुआ। युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 12 जनवरी तक चलेगा। इस महाकुंभ में देशभर से 2000 से अधिक युवा प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जो नवाचार और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत ञ्च2047Ó के विजन में सक्रिय भागीदार बनाना है।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

