कोलकाता,10 जनवरी (आरएनएस)। कोलकाता पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का खुलासा करते हुए पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। कोलकाता पुलिस ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां शुक्रवार रात पूर्व जादवपुर पुलिस थाने् के अधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुईं। आरोपियों को कोलकाता के बाहरी इलाके में निताई नगर की एक रिहायशी इमारत से गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अमित खान, रथिन सिद्दी, मोहम्मद नजीमुद्दीन सिद्दीकी, विशाल शिंदे और मधुसूदन एचआर के रूप में हुई है। रथिन, नजीमुद्दीन, विशाल और मधुसूदन कर्नाटक के रहने वाले हैं, जबकि अमित बिहार का रहने वाला है। ये सभी पूर्व जादवपुर पुलिस स्टेशन इलाके में रह रहे थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से 8 स्मार्टफोन और 6 कीपैड फोन जब्त किए गए हैं। शनिवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की जांच के लिए पुलिस उनकी हिरासत मांगेगी। जांच के क्रम में यह सामने आया कि आरोपियों ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन दिलाने का वादा करके छोटे कारोबारियों को धोखा दिया था। इस संबंध में 7 जनवरी को पूर्व जादवपुर पुलिस स्टेशन में लोन धोखाधड़ी रैकेट के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के शुरुआती चरण में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर बाकी संदिग्धों का पता लगाया। इसके बाद एक ऑपरेशन चलाया गया और निताई नगर इलाके में एक बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांचकर्ताओं का मकसद इस फ्रॉड के पूरे दायरे का पता लगाना और कस्टडी मिलने के बाद इसमें शामिल दूसरे लोगों की पहचान करना है।
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