तेहरान/वॉशिंगटन ,11 जनवरी ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के तहत ईरान पर हमला किया गया, तो अमेरिकी सेना के साथ-साथ इस्राइल भी ईरान के वैध निशानों की सूची में होगा।
कालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरानी संसद में अमेरिका के खिलाफ जबरदस्त विरोध देखने को मिला। संसद सत्र के दौरान कई सांसद मंच पर चढ़ गए और ‘अमेरिका मुर्दाबादÓ के नारे लगाए। इस दौरान कालिबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप के संकेत के बाद बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को लेकर अपनी नीति पर बड़ा संकेत दिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर संभावित हमले के विकल्पों की जानकारी दी। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
इस्राइल हाई अलर्ट पर
अमेरिकी हमले की आशंका को देखते हुए इस्राइल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइली सुरक्षा एजेंसियां अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी को लेकर सतर्क हैं। हाल के दिनों में इस संबंध में कई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठकें भी हुई हैं।
नेतन्याहू और रुबियो के बीच बातचीत
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
ग्रीनलैंड को लेकर भी चर्चा
इस बीच, ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ग्रीनलैंड से जुड़े संभावित सैन्य विकल्पों पर आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस विचार का विरोध किया है और इसकी वैधता व राजनीतिक व्यावहारिकता पर सवाल उठाए हैं।
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