तेहरान ,11 जनवरी । ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। देशभर में शासन के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रहे हैं। कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। 28 दिसंबर से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है, जिनमें अब तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को ‘खुदा का दुश्मनÓ माना जाएगा और उनके खिलाफ मौत की सजा तक दी जा सकती है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में इस तरह के अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान है। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में कहा गया है कि दंगाइयों की मदद करने वालों पर भी वही आरोप लगाए जाएंगे। ईरानी कानून की धारा 186 के तहत, यदि कोई समूह या संगठन इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ सशस्त्र विरोध में शामिल होता है, तो उसके सभी सदस्य या समर्थक, जो जानबूझकर उसके उद्देश्यों में सहायता करते हैं, ‘मोहारेबÓ यानी खुदा का दुश्मन माने जा सकते हैं, भले ही उन्होंने सीधे तौर पर हथियारबंद गतिविधियों में हिस्सा न लिया हो। धारा 190 में मोहारेब के लिए बेहद कठोर सजाओं का प्रावधान है, जिनमें फांसी, सार्वजनिक रूप से मौत, अंग-भंग या स्थायी निर्वासन शामिल है।
पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों में गुरुवार को और तेजी आई, जिसके बाद सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इंटरनेट बंद होने के चलते ईरानी नागरिक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेवाओं से कट गए हैं। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
तेहरान से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन अब देश के कई प्रांतों तक फैल चुके हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चहारमहल और बख्तियारी, इलाम, केरमानशाह और फार्स प्रांतों में प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राजधानी तेहरान में भी कई प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है।
वहीं, ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दबाव बना रहे हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान शायद पहले से कहीं ज्यादा आजादी की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने उन पर ईरानी नागरिकों के खून से हाथ रंगे होने का आरोप लगाया था।
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