वॉशिंगटन ,11 जनवरी । अमेरिका ने शनिवार की रात सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई को तीन अमेरिकी नागरिकों की मौत के बदले के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग और सेंट्रल कमांड ने इस ‘सर्जिकल स्ट्राइकÓ का वीडियो जारी कर पूरी तस्वीर दुनिया के सामने रखी है। यह कार्रवाई ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा है, जिसे पिछले महीने अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले का बदला लेने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किया गया था।
लड़ाकू विमानों ने तबाह किए आतंकी ठिकाने
सेंट्रल कमांड द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो फुटेज में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को बेस से उड़ान भरते और सीरिया के विभिन्न हिस्सों में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले करते हुए देखा जा सकता है। जारी किए गए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे अमेरिकी वायुसेना ने कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और देखते ही देखते उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया।
13 दिसंबर के हमले का जवाब
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि ये ताज़ा हमले 13 दिसंबर 2025 को पलमायरा में हुए उस हमले का सीधा जवाब हैं, जिसमें एक ढ्ढस्ढ्ढस् आतंकवादी ने घात लगाकर हमला किया था। इस दुखद घटना में आयोवा नेशनल गार्ड के दो बहादुर सैनिक, 25 वर्षीय एडगर ब्रायन टोरेस-टोवार और 29 वर्षीय विलियम नथानिएल हॉवर्ड शहीद हो गए थे। इस हमले में एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया की भी जान गई थी। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से सीरिया में अमेरिकी बलों पर यह पहला प्राणघातक हमला था।
दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ निकालेंगेÓ
सेंट्रल कमांड ने वीडियो के साथ जारी अपने बयान में आतंकियों को बेहद कड़ी चेतावनी दी है। सेना ने दो टूक शब्दों में कहा है कि उनका संदेश बहुत मजबूत और स्पष्ट है। यदि कोई उनके योद्धाओं को नुकसान पहुंचाएगा, तो वे उसे दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ निकालेंगे और खत्म कर देंगे। सेना ने कहा कि आतंकी न्याय से बचने के लिए कितनी भी कोशिश कर लें, वे सफल नहीं होंगे।
जॉर्डन की सेना भी ऑपरेशन में शामिल
यह ऑपरेशन 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब पहले चरण में मध्य सीरिया में करीब 70 ठिकानों को नष्ट किया गया था। इस विशेष अभियान में अमेरिका के साथ जॉर्डन की सेना भी सक्रिय रूप से शामिल है। शनिवार के इन हवाई हमलों से ठीक एक दिन पहले सीरियाई सुरक्षा बलों ने ‘लेवेंटÓ क्षेत्र में ढ्ढस्ढ्ढस् के मुख्य सैन्य कमांडर को गिरफ्तार करने का भी दावा किया था।
आपको बता दें कि 2010 के दशक के मध्य में इराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर ढ्ढस्ढ्ढस् के कब्जे के बाद से ही अमेरिकी सेना वहां मौजूद है। वर्तमान में भी सैकड़ों अमेरिकी सैनिक सीरिया में तैनात हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य इस्लामिक आतंकवाद को जड़ से खत्म करना और भविष्य के हमलों को रोकना है।
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