नई दिल्ली ,11 जनवरी (आरएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश को भारत की स्थिति और नीति पर भरोसा रखना चाहिए, न कि किसी अन्य देश के बयानों पर।
गोयल का यह बयान विदेश मंत्रालय द्वारा उन दावों को खारिज किए जाने के एक दिन बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।
अमेरिकी मंत्री के बयान से मचा था विवाद
हाल ही में अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी के फोन नहीं करने की वजह से भारत-अमेरिका ट्रेड डील आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि अमेरिका अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों में आगे निकल गया।
ट्रेड डील पर बंद कमरे में होगी बातचीत: गोयल
एक न्यूज चैनल से बातचीत में पीयूष गोयल ने साफ किया कि व्यापार समझौते जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत सार्वजनिक मंचों पर नहीं, बल्कि बंद दरवाजों के पीछे की जाती है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील की शर्तों और बारीकियों पर चर्चा मीडिया के सामने नहीं की जा सकती।
‘पहले आने वालों को बेहतर डीलÓ का तर्क
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने अपने बयान में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ट्रेड डील को एक सीढ़ी की तरह देखते हैं, जिसमें जो देश पहले समझौता करते हैं, उन्हें बेहतर शर्तें मिलती हैं। उन्होंने कहा था कि पहली सीढ़ी पर चढऩे वाले को सबसे अच्छी डील मिलती है।
विदेश मंत्रालय ने दावों को बताया गलत
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे कथानक को भ्रामक बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका पिछले एक साल से भी अधिक समय से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर निरंतर और गहन बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आठ बार फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
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