हरिद्वार,11 जनवरी (आरएनएस)। विश्व हिंदू परिषद उत्तराखंड एवं यूपी संयुक्त क्षेत्र के सेवा प्रमुख राधेश्याम द्विवेदी ने कहा है कि संस्कार के बिना समाज अधूरा है। बाल्यावस्था से ही बच्चों में संस्कार का बीजारोपण करके सशक्त, समरस और राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण संभव है। रविवार को अशोक सिंघल सेवा धाम स्थित वात्सल्य वाटिका में विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के तीन दिनी संस्कारशाला आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन हो गया। इस अवसर पर द्विवेदी ने कहा कि आज घर, स्कूल और समाज में संस्कारों का क्षरण गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब बालक और बालिकाएं अपने सांस्कृतिक मूल्यों और जीवन व्यवहार से कटने लगते हैं, तब वे दुष्प्रवृत्तियों के दुष्चक्र में फंस जाते हैं। इसलिए संस्कार के बीज बचपन से रोपने चाहिए। विहिप की केंद्रीय कार्यकारिणी की सदस्य डॉ. अंबालिका मिश्रा ने संस्कार शिक्षा की उपयोगिता को रेखांकित किया। प्रांत सेवा प्रमुख अनिल भारतीय ने बताया कि 25 गांवों में संस्कार शिक्षा, हिंदुत्व जागरण और महिला सशक्तिकरण का काम किया जाएगा। इस अवसर पर वात्सल्य वाटिका के प्रबंधक प्रदीप मिश्रा, रवि जोशी, मानसी भार्गव, अश्वनी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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