जम्मू 12 Jan, (Rns)- जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास अचानक बढ़ी ड्रोन गतिविधियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय सेना ने कई जगहों पर ड्रोन को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ये घटनाएं सीमा पार से किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करती हैं। खास बात यह है कि यह ड्रोन गतिविधि सांबा में एक दिन पहले हथियारों की खेप गिराए जाने की घटना के तुरंत बाद सामने आई है।
राजौरी, सांबा और पुंछ में ड्रोन देखे गए
अधिकारियों के अनुसार, राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के ऊपर एक ड्रोन की गतिविधि देखी गई। इसके बाद राजौरी के ही खब्बर गांव (तेरियाथ) इलाके में भी एक अन्य ड्रोन नजर आया। वहीं, सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बाबराल गांव के ऊपर ड्रोन जैसी वस्तु कुछ मिनटों तक मंडराती देखी गई। इसके अलावा पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास ड्रोन जैसी गतिविधि दर्ज की गई।
नौशेरा सेक्टर में सेना की त्वरित कार्रवाई
नौशेरा सेक्टर में ड्रोन देखे जाने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया। सेना ने एमएमजी और एलएमजी हथियारों से फायरिंग कर ड्रोन को मार गिराने की कोशिश की। इससे साफ है कि सेना किसी भी घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधि को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
सांबा में हथियार गिराने की कोशिश से बढ़ी गंभीरता
सांबा के रामगढ़ सेक्टर में ड्रोन की मौजूदगी को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि एक दिन पहले इसी इलाके में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराई गई थी। तलाशी अभियान के दौरान बीएसएफ ने पिस्तौल, मैगज़ीन, चीनी ग्रेनेड समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी।
ड्रोन के जरिए साजिश की आशंका
लगातार तीन अलग-अलग सेक्टरों में ड्रोन की गतिविधियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने की कोशिशें तेज कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पारंपरिक घुसपैठ में नाकामी के बाद अब ड्रोन को नया हथियार बनाया जा रहा है। फिलहाल पूरे सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी है और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।

