नई दिल्ली , 12 जनवरी (आरएनएस)। प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर इंडियन डायस्पोरा ग्लोबल ने विदेशों में बसे भारतीयों से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखते हुए भारत और उसके वैश्विक समुदाय के रिश्तों पर नए सिरे से सोचने की जरूरत पर जोर दिया। इस मौके पर संगठन ने अपने वैश्विक अभियान “कीप द डोर ओपन” के माध्यम से दोहरी नागरिकता पर एक ठोस, नीति-आधारित राष्ट्रीय संवाद की मांग को दोहराया।
इंडियन डायस्पोरा ग्लोबल एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में बसे भारतीय मूल के लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ना है। यह संगठन गैर-पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करते हुए प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श, नीति संवाद और रचनात्मक बातचीत को आगे बढ़ाता है। इस पहल की परिकल्पना श्री मेल्विन ने इस सोच के साथ की थी कि प्रवासी भारतीयों की एक साझा आवाज़ बने और भारत के साथ उनका जुड़ाव केवल औपचारिक या प्रतीकात्मक न रह जाए।
“कीप द डोर ओपन” अभियान इसी सोच को आगे बढ़ाता है। यह अभियान भारत में दोहरी नागरिकता पर लंबे समय से लागू प्रतिबंध पर पुनर्विचार की बात करता है और मानता है कि मौजूदा व्यवस्था आज की वैश्विक परिस्थितियों—जहां भारतीय पेशेवर, निवेशक और विशेषज्ञ दुनिया भर में सक्रिय हैं—के अनुरूप नहीं है। अभियान का स्पष्ट कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक ऐसे आधुनिक और सुरक्षित ढांचे की मांग करती है, जिससे विदेशी नागरिकता लेने के बाद भी प्रवासी भारतीय भारत से अपने औपचारिक संबंध बनाए रख सकें।फिलहाल, भारतीय संविधान दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता। नागरिकता अधिनियम की धारा 9 के तहत किसी अन्य देश की नागरिकता लेने पर भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के अनुसार विदेशी नागरिकता प्राप्त करते ही भारतीय पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य है। ये प्रावधान एक अलग दौर में बनाए गए थे, लेकिन आज के समय में इनके असर पर दोबारा विचार करना जरूरी हो गया है। “कीप द डोर ओपन” अभियान किसी के वैश्विक अवसर चुनने या विदेश जाने के फैसले का विरोध नहीं करता। यह केवल यह सवाल उठाता है कि क्या विदेशी नागरिकता लेने के बाद भारत के साथ सभी कानूनी और नागरिक रिश्ते पूरी तरह खत्म हो जाने चाहिए—खासतौर पर तब, जब प्रवासी भारतीय आज भी भारत में निवेश कर रहे हैं, विदेशों में भारत की छवि को मजबूत कर रहे हैं और देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।
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