पुण्यकाल से पहले ही गंगासागर मेले में 45 लाख श्रद्धालु पहुंचे
रंगीन प्रकाश सज्जा में नहाया कपिल मुनि मंदिर
जल-थल मार्ग में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था
जगदीश यादव/ नकुल कुमार मंडल
सगरद्वीप 12 जनवरी (आरएनएस)। मोक्ष नगरी गंगासागर में मकर संक्रांति के पुण्य स्नान 14 जनवरी की दोपहर 1.19 से शुरु होगा व 15 जनवरी की दोपहर 1.19 पर समापन होगा। अर्थात उक्त समय पुण्य स्नान के पुण्यकाल का है। वैसे देश के विभिन्न भागों से मोक्ष धरा गंगा सागर में आये पुण्यार्थियों के स्वागत में सज धज कर कपिल नगरी तैयार है। राज्य के बिजली व आवासन मामलों के मंत्री अरूप विश्वास ने आज दावा किया कि, अब तक अर्थात खबर के लिखे जाने तक 45 लाख पुण्यार्थी गंगासागर मेले में आ चुके हैं। चारों ओर यहां भक्ति व आध्यात्म की गंगा बह रही है। मोक्ष की कामना के लिए यहां आये पुण्यार्थियों को बस पुण्यकाल का इंतजार है। मेले में आये दो लोग बीमार भी हुए और दोनों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से कोलकाता स्थित बांगुर अस्पताल भेजा गया है। इनके नाम उत्तर प्रदेश के निवासी संतलाल (64) व हरियाणा की निवासी विमला देवी (77) है। जिला प्रशासन का दावा है कि यहां भीड़ का रेला उमड़ रहा है। राज्य के राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में मेले की हर व्यवस्था को पुख्ता और चाक चौबंद होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यहां राज्य के दर्जन भर मंत्री तैनात है और सीएम ममता हर कार्य की मॉनिटरिंग कर रहीं है। वहीं स्थानीय दुकानदार भीड़ कम होने का रोना भी रो रहे है। एनजीओ की ओर से आये लोगों और दुकानदारों की माने तो मेले में भीड़ ज्यादा नहीं है। वैसे आज दोपहर की बात करे तो कचुबेरिया से ही तीर्थयात्रियों का जत्था देखा गया जो गंगा सागर की ओर जा रहे थे। गंगा सागर पहुंचते ही तीर्थयात्रियों का जत्था भक्ति भावना के साथ सगरद्वीप की पवित्र धरती पर कदम रखकर अपने आप को निहाल समझ रहा था। वहीं कपिल मुनि मंदिर रंगीन प्रकाश सज्जा में जगमग कर रहा है तो बचे काम को युद्ध स्तर पर निपटाया जा रहा है। तमाम नागा साधु समाज के लोगों का एक अलग संसार भी यहां बस गया है। बात करने पर देश के विभिन्न भागों से आये पुण्यार्थियों गंगासागर में ममता सरकार की व्यवस्था को दुरुस्त बताया। जिला प्रशासन ने सड़क हो या बिजली, पेयजल और शौचालय, आज लगभग हर व्यवस्था दुरुस्त बताया। हालांकि मेले के लिये अभी भी तैयारी सम्पूर्ण नहीं हो सकी है लेकिन युद्धस्तर पर दिन-रात रात काम चल रहा है। हुगला के यात्री निवास का काम भी तेज रफ्तार में चल रहा था तो रंग रोगन के काम से लेकर प्रकाश व्यवस्था का काम भी गति पर दिखा। अखिल भारतीय श्री पंच रामानंदी निर्माण अखाड़ा व कपिल मुनि मंदिर के मंहत ज्ञानदास व उनके के उत्तराधिकारी महंत संजय दास काफी व्यस्त रहें और वह कपिल मुनि मंदिर की व्यवस्था में कोई कमी नहीं हो इसके लिए प्रयासरत दिखें। स्थानीय दुकानदारों व स्वंय सेवी संस्थाओं के लोगों ने बताया कि, अनुसार हजारों की संख्या में लोग सागरद्वीप में आकर भीड़ से बचने के लिये पुण्य स्नान कर रहें हैं। वैसे यहां पुलिस, तटरक्षक, बीएसएसएफ के जवान तैनात दिखें। गंगासागर केन्द्र व राज्य के खुफिया एजेंसियों की निगाह में भी है। जिला प्रशासन सूत्रों ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी यहां पुण्यार्थियों के लिये पेयजल के पाउच पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध किए गए हैं। तमाम एनजीओ के शिविरों के निर्माण का काम भी लगभग पूरा हो गया है। पुलिस के आला अधिकारी से लेकर तमाम स्तर के लगभग 15 हजार पुलिसकर्मियों के कंधे पर यहां की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेवारी होगी । इसके अलावा यहां हेलिकॉप्टरों से मेले पर निगाह रखे जाने की खबर भी है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी। 1250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की जद में यहां पर सब होंगे। जल से लकेर थल मार्ग पर भी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था है। वाच टावरों से तमाम मेले पर निगाह रखी जाएगी। वैसे तो करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाला सागर द्वीप वर्ष भर सूना पड़ा रहता है,लेकिन मकर संक्रांति आते ही यह दुधिया रोशनी से जगमगा उठता है। इस मौके पर यहां लगने वाले गंगासागर मेले में हर बार की तरह विविध तरह के साधु-सन्यासी पहुंच चुके हैं। रंग-बिरंगे खिलौने और तरह-तरह के सामान से अटी दुकानों की कतार सजने लगी है। सागर तीर्थ का इतिहास बेहद समृद्ध है। इसमें किंवदंतियों से लेकर तमाम ऐतिहासिक साक्ष्य भी मौजूद है। पर, इन सभी के ऊपर आस्था सबसे भारी है।
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