रायपुर 12 jan, (Rns) । कोल लेवी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल कार्यालय ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आरोपी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी करीब 2.66 करोड़ रुपये की आठ अचल संपत्तियों को अटैच किया है, जिनमें जमीन के टुकड़े और रिहायशी फ्लैट शामिल हैं। इस कार्रवाई के साथ ही घोटाले में अब तक ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्तियों का आंकड़ा 273 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस मामले में ईडी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 35 आरोपियों के खिलाफ 5 चालान विशेष अदालत में पेश किए जा चुके हैं।
ईडी के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के माध्यम से जिन आठ अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है, वे अपराध की कमाई से खरीदी गई थीं। ये संपत्तियां सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर द्वारा अपने रिश्तेदारों के नाम पर ली गई थीं। यह राशि कोयला लेवी की अवैध वसूली और अन्य जबरन वसूली गतिविधियों से अर्जित की गई थी।
ED ने यह जांच बेंगलुरु पुलिस की एफआईआर क्रमांक 129/2022, आयकर विभाग की अभियोजन शिकायत क्रमांक 3167/2023 (दिनांक 19 जून 2023) तथा EOW/ACB रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में कोयला लेवी की अवैध वसूली को लेकर दर्ज एफआईआर क्रमांक 03/2024 (दिनांक 11 जनवरी 2024) के आधार पर शुरू की थी।

