जयदीप यादव/ मो. जहीर
कोलकाता 12 जनवरी (आरएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने आज आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए 250 सीटों का जहां महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा। वहीं उन्होंने एक बैठक में सवाल किया कि, प्रतीक जैन के अलावा आई-पैक के दो और डायरेक्टर हैं। कोयला मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने उनके घरों की तलाशी क्यों नहीं ली? तृणमूल के ऑल इंडिया महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आज यह सवाल उठाया। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के बाद इस बार उन्होंने भी केंद्रीय जांच एजेंसी पर आई-पैक मामले में जानकारी चुराने का आरोप लगाया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को साल्टलेक में संबोधित करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि तृणमूल अपने जनादेश को मजबूत करेगी और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का निर्णायक रूप से मुकाबला करेगी। भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए अभिषेक ने सीमित विधायी शक्ति वाली पार्टी द्वारा सामाजिक और सांस्कृतिक नियमों को थोपने के प्रयासों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लगभग 70 विधायकों वाली पार्टी यह तय करने की कोशिश कर रही है कि कौन चिकन रोल या पैटी बेच सकता है, और शासन या मूल्यों पर दूसरों को उपदेश देने के उसके अधिकार पर सवाल उठाया। तृणमूल नेता ने भाजपा के हिंदुत्व के संस्करण को भी खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ी राजनीति के बजाय स्वामी विवेकानंद की समावेशी विचारधारा में विश्वास करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तृणमूल की राजनीति बहुलवाद, सामाजिक सद्भाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सम्मान पर आधारित है। बता दे कि, “ईडी कोयला कांड में तलाशी के लिए आई-पैक के दफ्तर में आई थी। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, एक ऐसे मामले में जिसमें ईडी ने पिछले तीन साल में किसी को समन नहीं किया। वे आ सकते थे। लेकिन उनका इरादा जानकारी चुराना था।” उन्होंने यह भी बताया कि वह ऐसा क्यों कह रहे हैं। अभिषेक के शब्दों में, “आई-पैक के तीन डायरेक्टर हैं। एक कोलकाता में बैठता है, एक हैदराबाद में बैठता है, एक दिल्ली में। लेकिन तलाशी कोलकाता में क्यों की गई। अगर डायरेक्टर के घर की सर्च हो रही है, तो ईडी ऑफिस क्यों जाएगी?” अभिषेक ने आगे पूछा कि सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी दूसरे राज्य में आई-पैक ऑफिस क्यों नहीं गई। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर एक साथ निशाना साधते हुए तंज कसा- चुनाव आयोग आम आदमी के मौलिक अधिकार छीन रहा है। तृणमूल सांसद ने साफ कहा, यही भाजपा का फॉर्मूला है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

