ऋषिकेश 12 जनवरी (आरएनएस)। गुरु गोबिंद सिंह महाराज के वीर 40 मुक्तों की याद में माजरी फतेहपुर गुरुद्वारा साहिब से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। पंज प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। सोमवार को डोईवाला के शेरगढ़ स्थित गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ होकर नगर कीर्तन विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ पुन: माजरी फतेहपुर गुरुद्वारा साहिब में आकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। नगर कीर्तन में सजे निशान साहिब और शबद-कीर्तन जत्थों ने संगत को गुरु इतिहास की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ा। जो बोले सो निहाल के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा। मार्ग में जगह-जगह संगत और स्थानीय नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया। गुरुद्वारा प्रधान साहब सिंह ने कहा कि 40 मुक्तों का बलिदान सिख इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह सिंह महाराज ने सत्य, साहस और समर्पण का जो मार्ग दिखाया, वही आज भी समाज को एकता और सेवा की दिशा देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को गुरु परंपरा से जोडऩे का कार्य करते हैं। गुरुद्वारा प्रधान खैरी धरमुचक सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि 40 मुक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर धर्म और इंसानियत की रक्षा की। नगर कीर्तन से भाईचारे, अनुशासन और सेवा की भावना मजबूत होती है तथा युवाओं को गुरु इतिहास से प्रेरणा मिलती है। गन्ना समिति उपाध्यक्ष हरभजन सिंह ने कहा कि गुरु परंपरा हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
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