लखनऊ 14 जनवरी (आरएनएस ) । उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने फिरोजाबाद जनपद के बहुचर्चित और आस्था से जुड़े पसीना वाले हनुमान मंदिर के पर्यटन विकास का निर्णय लिया है। लगभग दो हजार वर्ष प्राचीन माने जाने वाले इस ऐतिहासिक और चमत्कारी मंदिर को शासन स्तर से अनुमोदित कार्य योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इस पहल को फिरोजाबाद को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षक बनाना है। इसी क्रम में फिरोजाबाद जनपद में स्थित पसीना वाले हनुमान मंदिर का समग्र पर्यटन विकास किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।फिरोजाबाद जनपद मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी के तट पर स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर अपनी अनूठी मान्यता के कारण देशभर में जाना जाता है। मान्यता है कि मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा से वर्ष भर पसीना निकलता रहता है। सर्दियों के मौसम में भी प्रतिमा पर पसीने की बूंदें दिखाई देती हैं, जिसे श्रद्धालु चमत्कार के रूप में देखते हैं। इसी अद्भुत विशेषता के कारण यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और मंदिर की आस्था दिनोंदिन और मजबूत होती जा रही है।पर्यटन विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सूचना केंद्र, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थलों का निर्माण प्रस्तावित है। इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल दर्शन व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि मंदिर एक सुव्यवस्थित धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होगा।पर्यटन मंत्री ने बताया कि फिरोजाबाद पर्यटन की दृष्टि से तेजी से उभरता हुआ जिला है। लखनऊ और आगरा जैसे प्रमुख शहरों से जुड़े होने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में जनपद में आने वाले पर्यटकों की संख्या 4.44 लाख से अधिक थी, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 6.48 लाख के पार पहुंच गई। वहीं वर्ष 2025 के जनवरी से जून माह के बीच ही 4.06 लाख से अधिक पर्यटकों ने फिरोजाबाद का भ्रमण किया है। पर्यटन विभाग का अनुमान है कि वर्ष 2025 के अंत तक यह आंकड़ा 7 लाख से अधिक हो सकता है।पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मंत्री ने कहा कि फिरोजाबाद अब केवल कांच नगरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आस्था, ऐतिहासिक धरोहर और प्रकृति के संगम के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। जनपद में जैन मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर और माता टीला मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं, जबकि कोटला का किला, चंदवार गेट और फिरोज शाह का मकबरा जिले की ऐतिहासिक विरासत को दर्शाते हैं।इसके साथ ही ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा विकसित रपड़ी ईको स्पॉट और रूरिया स्वरूपपुर जैसे स्थल प्रकृति प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। पर्यटन विभाग का मानना है कि पसीना वाले हनुमान मंदिर के विकास के बाद फिरोजाबाद धार्मिक, ऐतिहासिक और ईको टूरिज्म के केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा, जिससे जनपद को पर्यटन मानचित्र पर नई गति और पहचान मिलेगी।
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