लखनऊ 14 जनवरी (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके सहयोगियों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि स्वदेशी का ढोल पीटते-पीटते भाजपा अब पूरी तरह परदेसी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी कल तक चीन से आयात के विरोध में जनता को सड़क पर उतार रही थी, वही आज खुलेआम विदेशी ताकतों का स्वागत करती नजर आ रही है। यह भाजपा की दोहरी नीति और वैचारिक खोखलेपन का सबसे बड़ा प्रमाण है।अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा के वैचारिक उस्ताद पड़ोसी देश से एकदलीय व्यवस्था का मास्टर क्लास लेने में जुटे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग भारत आकर भाजपा नेताओं से मिल रहे हैं, क्या उनसे मिलने वालों को यह भी पता है कि उनका कागजों में कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों से मुलाकात हो रही है, वे अनरजिस्टर्ड हैं, उनका कहीं कोई पंजीयन नहीं है और इसके बावजूद भाजपा उन्हें वैधता देने में जुटी है।उन्होंने कहा कि आज जब बात केवल विचारों तक सीमित न रहकर सीधी मुलाकात तक पहुंच गई है, तो साफ है कि इसकी तैयारी कई वर्षों से चल रही थी। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि चीनी सामान के बहिष्कार का जो नाटक भाजपा ने किया, वह आखिर किसे गुमराह करने के लिए था। अखिलेश यादव ने कहा कि यह ड्रामा केवल अपने समर्थकों की आंखों में धूल झोंकने के लिए किया गया था।उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आज भाजपा के वे समर्थक सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, जो कभी गली-गली घूमकर चीनी सामान के बहिष्कार की अपील किया करते थे। उन्होंने कहा कि अगर कोई जाकर आज उन समर्थकों के चेहरे देखे, तो साफ नजर आएगा कि वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अखिलेश यादव के अनुसार, भाजपा समर्थक आपस में व्हाट्सएप संदेश भेजकर कह रहे हैं कि सुना तो था कि भाजपा किसी की सगी नहीं है, लेकिन इस बार तो उसने अपने ही लोगों को धोखा दे दिया।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की असलियत अब उसी ‘रंगे सियारÓ की कहानी की तरह सामने आ रही है, जिसका भेद एक दिन बारिश में खुल ही जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थक यह कहानी भूल गए थे, लेकिन अब सच्चाई सबके सामने है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब इन समर्थकों को भी अपने वैचारिक पूर्वजों की तरह भूमिगत होना पड़ेगा, क्योंकि भाजपा की कथनी और करनी का अंतर पूरी तरह उजागर हो चुका है।
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