लखनऊ 14 जनवरी (आरएनएस )। लखनऊ पुलिस कमिश्ररेट ने शहर की शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक प्रभावी कदम उठाते हुए थाना गोसाईगंज, बिजनौर, गाजीपुर, मदेयगंज और कृष्णानगर के मनबढ़ एवं दबंग व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 के तहत गुण्डा घोषित करते हुए लखनऊ की सीमा से निष्कासित किया है।पुलिस के अनुसार, न्यायालय द्वारा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), लखनऊ की सिफारिश पर इन व्यक्तियों को अपराधियों और समाज के लिए खतरे के रूप में चिन्हित किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।गुण्डा घोषित किए गए व्यक्तियों में गोसाईगंज के शिवम चौहान, बिजनौर के छोटू उर्फ अभय कश्यप, गाजीपुर के राहुल रावत उर्फ टाइगर, मदेयगंज के राज सोनकर, गोसाईगंज के शिवकुमार रावत और कृष्णानगर के अंशु कुमार विनोदिया शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ संबंधित थाना क्षेत्रों में कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जिलाबदर या थाना हाजिरी की सजा दी गई है।विशेष रूप से गोसाईगंज के शिवम चौहान, छोटू उर्फ अभय कश्यप और राहुल रावत को 06 माह की अवधि के लिए जिलाबदर किया गया है, जबकि राज सोनकर को 03 माह की अवधि के लिए इसी प्रावधान के तहत निष्कासित किया गया। वहीं शिवकुमार रावत और अंशु कुमार विनोदिया को 03 माह की अवधि के लिए थाना हाजिरी पर रखा गया है।
पुलिस कमिश्ररेट ने आमजन से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार के आपराधिक या दबंग रवैये में संलिप्त न हों। पुलिस का यह कदम शहर में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने और अपराधियों के प्रभाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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