प्रयागराज 14 जनवरी (आरएनएस)। 75 वर्षो के बाद अदभुद गृह नक्षत्रो के कारण इस बार का माघ मेला विशेष है। 14 जनवरी जो की आदिकाल से मकर संक्रांति के रूप मे मनाया जाता है। जो की सूर्य के धनु राशि से निकल कर मकर राशि मे प्रवेश करने पर मनाया जाता है। यह नये साल का पहला बड़ा पर्व माना जाता है और देश में अलग अलग नामो से मनाया जाता है। गुजरात में उत्तरायण साऊथ में पोंगल और उत्तरप्रदेश में खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। उक्त बातें दिगम्बर अखाड़े के महामंडलेश्वर राहुल दास जी महाराज ने बताया।
महाराज जी 10 वर्ष की बाल्य अवस्था में ही सन्यास जीवन में प्रवेश कर गये थे। इसके प्रथम गुरु लवकुश जन्मस्थली बाखरपुर बागपत के प्रेमदास जी महाराज हैं। राहुल दास जी महाराज वर्तमान में हैदराबाद स्थित विश्व का एकलौता मंदिर मूँछ वाले राम जी जहाँ जहाँ पूजे जाते हैं उस उस पीठ के पीठाधीश्वर हैं। 2016 के कुम्भ में राहुल दास जी महाराज का पट्टाभिषेक कर महामंडलेश्वर बनाया गया। महाराज जी गऊ संरक्षण के संकल्प के साथ उनके उत्थान हेतु कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष माघ मास की मौनी अमावस्या को भक्तो हेतु विशाल भंडारे का आयोजक कर रहे हैं।
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