जाकिर अली
सागर द्वीप 14 जनवरी (आरएनएस)। देश के विभिन्न भागों से मोक्ष धरा गंगा सागर में आये पुण्यार्थी बस मकर संक्रांति के पुण्य स्नान के पल का ही इंतजार है। चारों ओर यहां भक्ति व आध्यात्म की गंगा बह रही है। धर्म नगरी बन चुके गंगा सागर के संगम स्थल में अध्यात्म की समांतर धारा बह रही है और चारों ओर हर हर गंगा, जय बाबा कपिल के जयघोष से गूंज रहें है। लेकिन यहां देश के विभिन्न भागों से आए तमाम पुण्यार्थी गंगासागर में गलाकाट व्यवसाय से परेशान रहे। यहां मेला अंचल से लेकर कचूबेडिय़ा तक पुण्यार्थियों को एक तरह से लूटा जा रहा है। तमाम स्थायी दुकानदार से अस्थायी दुकानदार या फिर हॉकर कहे लोगों से खाने पीने से लेकर जरुरत के सामानों के दर में मन मुताबिक वृद्धि कर लूट रहे है। राजस्थान निवासी पुण्यार्थी रत्नाराज सिसोदिया व उत्तर प्रदेश निवासी इंन्द्र भूषण यादव व यूपी के निवासी शांति देवी ने आरोप लगाया कि, एक तो उन लोगों को बातचीत करने में भाषा की समस्या हो रही है दूसरा उन्हें खाने पीने से लेकर जरुरत के सामानों के मामले में असाधु दुकानदार व व्यवसायी लूट रहें है। कई बार पुण्यार्थी पुलिस से मौखिक शिकायत कर रहे हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा है। वहीं कुछ अस्थायी व बाहर से आए दुकानदारों ने नाम की गोपनीयता पर बताया कि, उन्हें सागर द्वीप में कई मामलों में चढ़ावा भी देना पड़ता है। ऐसे में वह लोग क्या करे। बहरहाल जो भी हो सारे तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार की कहावत अब यहां बदली दिख रही है कारण यहां अब ऐसे श्रद्धालुओं की कमी नहीं थी जो कई बार गंगासागर आ चुके है।

