गंगासागर 14 जनवरी (आरएनएस)। मकर संक्रांति के पुण्यकाल में गंगा व सागर के संगम में अब तक 85 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने मोक्ष की डूबकी लगाई। खबर के लिखे जाने तक जहां पुण्य स्नान का क्रम चल रहा था तो वहीं इस धार्मिक मेले को लेकर सर्दी की मार के बीच राजनीति का पारा भी तप रहा था। भाजपा के बंगाल प्रमुख व केन्द्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, जिन्होंने गंगासागर में पवित्र डुबकी लगाई, ने इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की तस्वीर के लिए यहां कोई जगह नहीं है। कारण सागर क्षेत्र में सीएम ममता के तस्वीरों वाली होर्डिंगों की भरमार है। मजूमदार ने कहा कि कुंभ मेले जैसे राष्ट्रीय आयोजनों का आयोजन केंद्र और राज्य सरकार दोनों के समन्वय से किया जाता है। इस तरह की राष्ट्रीय परियोजना के लिए, आपको राष्ट्रीय सरकार के साथ बैठकर बातचीत करनी होगी। जिस तरह राज्य और केंद्र सरकारें कुंभ मेले के आयोजन के लिए सहयोग करती हैं, उसी तरह इस मेले का आयोजन भी केंद्र सरकार के सहयोग से ही किया जाना चाहिए; तभी यह एक राष्ट्रीय आयोजन बन पाएगा, । वहीं मेले में तैनात बंगाल के मंत्री अरूप बिस्वास ने गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित न करने पर सुकांत मजूमदार को निशाने पर लिया। अरूप बिस्वास ने तीर्थयात्रियों की संख्या को लेकर भी केंद्रीय मंत्री पर तंज कसा। कहा- बार-बार कहने के बावजूद, राज्य सरकार के इस मांग पर केंद्र सरकार ने कान नहीं दिया कि,गंगासागर को राष्ट्रीयमेला घोषित किया जाए। ममता सरकार के मंत्री ने कहा कि,हम धर्म को राजनीति से नहीं करते। हम धार्मिक जगहों पर भी राजनीति नहीं करते। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। सर्व धर्म समान भाव ही ममता सरकार की ताकत है।

