Iran, 15 jan, /- ईरान इस वक्त गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। बीते दो हफ्तों से देश के कई हिस्सों में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ खुला आक्रोश देखने को मिल रहा है। आगजनी, हिंसा और सुरक्षाबलों से झड़पों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका ने तेहरान की चिंता और बढ़ा दी है।
ऐसे संवेदनशील माहौल में ईरान की ओर से भारत से संपर्क को अहम कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। बुधवार 14 जनवरी को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की। इस बात की पुष्टि खुद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान ईरान और उसके आसपास तेजी से बदलती परिस्थितियों पर चर्चा हुई।
हालांकि बातचीत का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार इसे ईरान की रणनीतिक पहल के तौर पर देख रहे हैं। आमतौर पर जब कोई देश एक साथ आंतरिक अस्थिरता और बाहरी दबाव का सामना करता है, तो वह अपने भरोसेमंद साझेदारों से संवाद बढ़ाता है। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक रहे हैं—चाहे चाबहार पोर्ट परियोजना हो या ऊर्जा और व्यापारिक सहयोग। ऐसे में यह फोन कॉल औपचारिक शिष्टाचार से कहीं आगे का संकेत माना जा रहा है।
उधर, इसी दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) के महासचिव संजीव रंजन से भी मुलाकात की। बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। चर्चा का फोकस सरकारों, व्यापार जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहा।
जयशंकर ने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग से न सिर्फ आर्थिक अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि IORA के साथ संवाद का उद्देश्य संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को आगे बढ़ाना और टिकाऊ व समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान संकट और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक गतिविधियों के बीच भारत की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है। ऐसे में तेहरान का नई दिल्ली से संपर्क भविष्य की कूटनीतिक दिशा के संकेत भी दे रहा है।

